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शरीफ की वापसी से पहले सैकड़ों को जेल

इस्लामाबाद. पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ दो दिन बाद अपने देश वापस लौट रहे हैं। इससे पहले ही पाकिस्तानी पुलिस ने सैकड़ों विपक्षी पार्टियों के कार्यकर्ताओं को जेल में डाल दिया है। साथ ही सभी तरह की रैलियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

कहा जा रहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ जनरल परवेज मुशर्रफ के अवैध राज को चुनौती देने के लिए अपने देश लौट रहे हैं। शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (पीएमएल-एन) के सूचना सचिव अहसान इकबाल के मुताबिक पिछले तीन दिनों में उनकी पार्टी के करीब 1500 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने उठाया है और पूरे देश में रेड्स की जा रही हैं।

गौरतलब है कि 1999 में नवाज शरीफ को जनरल परवेज मुशर्रफ ने एक सैनिक तख्तापलट के जरिए देश से निर्वासित कर दिया था। इसके अलावा उन पर अपहरण, टैक्स चोरी और देशद्रोह के आरोपों में उन्हें उम्र कैद की सजा सुनाई गई थी। 2000 में इस सजा के बदले उन्हें निर्वासित कर दिया गया था।

पिछले ही महीने पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने ये आदेश जारी किए थे कि शरीफ को अपने देश लौटने का हक है। इससे मुशर्रफ को काफी तगड़ा झटका लगा था, हालांकि वह पहले से ही अपनी लोकप्रियता में गिरावट और विरोध का सामना कर रहे हैं।

इधर, नवाज शरीफ की देश वापसी पर पाकिस्तान मुस्लिम लीग और कई विपक्षी दलों ने जबर्दस्त स्वागत की तैयारियां कर रखी हैं। लेकिन पुलिस भी इस बात से चौकन्नी है। अकेले रावलपिंडी में ही पीएमएल-एन के 300 कार्यकर्ताओं को पकड़ा गया है ताकि वे इस योजना को अमलीजामा न पहना सकें। सरकारी अधिकारियों ने पंजाब प्रोविंस में पांच और ज्यादा लोगों के इकट्ठे होने पर भी रोक लगा दी है, जहां दसियों हजार लोगों के इकट्ठे होने की उम्मीद है। इधर इकबाल का कहना है कि इस तरह की युक्तियों से उन्हें डराया नहीं जा सकता।

पाकिस्तान पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि इस्लामाबाद एयरपोर्ट को जाने वाले सभी रास्तों पर कड़ी सुरक्षा रखी जाएगी और उन्हें सील कर दिया जाएगा। इधर कई सरकारी और गैरसरकारी प्रतिष्ठानों ने सोमवार को किसी हिंसा की आशंका से अपने यहां छुट्टी की घोषणा कर दी है।

शहबाज के खिलाफ भी वारंट

इस महीने की शुरुआत में ही देश के अटॉर्नी जनरल मलिक अब्दुल कय्यूम ने कहा था कि शरीफ के खिलाफ मूल सजा को फिर से लागू किया जा सकता है, जबकि शुक्रवार को शरीफ के भाई शहबाज शरीफ के खिलाफ एक एंटी टैररिज्म कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने पंजाब प्रोविंस के मुख्यमंत्री के बतौर रहते हुए आतंकवाद के पांच संदिग्ध लोगों को मौत की सजा देने के आदेश दिए थे। हालांकि शहबाज ने इन आरोपों से इनकार किया है और इन्हें राजनीति प्रेरित बताया है।

बेनजीर के साथ चल रही है डीलिंग

इधर, राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के साथ सत्ता में भागीदारी को लेकर डील करने में व्यस्त हैं ताकि वे अगले पांच साल के लिए अपना राजनीतिक जीवन को बचा सकें। इसके बदले बेनजीर ने उनसे मांग रखी है कि वे उनके खिलाफ सभी तरह के भ्रष्टाचार के आरोपों को रद्द करें और उन्हें देश के प्रधानमंत्री के बतौर तीसरी बार काम करने की इजाजत दें।





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