जयपुर:
नगर निगम नगरीय विकास कर वसूलने की शुरुआत व्यवसायियों से करेगा। आवासीय भवनों व भूखंडों से वसूली इसके बाद की जाएगी। इन संपत्तियों के सर्वे का कार्य पूरा होते ही नोटिस देने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। इस कार्य के लिए सभी संपत्तियों के सर्वे को अपडेट किया जाएगा। नकद राशि के साथ ही अब टैक्स को क्रेडिट कार्ड से भी जमा कराया जा सकेगा। ये निर्णय शुक्रवार को निगम मुख्यालय में इस संबंध में हुई बैठक में किए गए।
निगम में उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार फिलहाल शहर में एक लाख 25 संपत्तियां ऐसी हैं, जिनसे कर वसूल किया जा सकता है। कर वसूलने की कार्रवाई जल्द ही शुरू की जाएगी। इसके लिए पहले वाणिज्यिक संस्थानों, कॉम्पलैक्स, अस्पताल व स्कूलों को शामिल कर नोटिस दिए जाएंगे।
कर का निर्धारण करने के लिए भवनों के सर्वे के अलावा निगम व जेडीए में उपलब्ध भवनों के नक्शों को भी खंगाला जाएगा, साथ ही बिजली व पानी के कनेक्शनों के माध्यम से भी जानकारी ली जाएगी। टैक्स वसूलने के लिए निगम कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। गौरतलब है कि जयपुर में साढ़े छह लाख भवन व भूखंड हैं। इनमें से करीब 5 लाख 25 हजार संपत्तियां ही कर के दायरे में आएंगी और सिर्फ सोलह प्रतिशत संपत्तियों से ही कर वसूल किया जा सकेगा।
संपत्ति - कुल- कर योग्य-कर मुक्त
आवासीय - 531616- 62002- 469614
व्यावसायिक- 111825- 40447- 71378
औद्योगिक - 4573- 3733- 840
संस्थानिक - 1013- 572- 441