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नौकरी के नाम पर 50 लाख ठगे

उदयपुर: नौकरी का झांसा देकर एक ठग शहर के 580 बेरोजगारों के लाखों रुपए लेकर फरार हो गया। पुलिस का अनुमान है कि करीब 50 लाख रुपए की ठगी हुई है। कंपनी की कथित पीए व ठग की महिला सहयोगी को पुलिस ने नाथद्वारा से गिरफ्तार कर लिया है।

इस संबंध में कैलाशपुरी निवासी धर्म्ेद्र पुत्र लक्ष्मीलाल मेनारिया ने आदर्शनगर, मथुरा निवासी महेश शर्मा पुत्र स्व. श्यामसुंदर शर्मा व उसकी साथी डग (झालावाड़) हाल मल्लातलाई निवासी शमीम बानो पत्नी मोइनुद्दीन के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। धर्म्ेद्र की पत्नी भगवतीदेवी के अलावा शहर के भगवतसिंह, राहुल मेधावत, सुनील कुमार, दिलीप पूर्बिया, प्रेमचंद पूर्बिया व धर्म्ेद्र नामक युवक भी ठगी के शिकार हुए हैं। पुलिस अनुसंधान में सामने आया कि महेश शर्मा शातिर ठग है। उसने सभी बेरोजगारों को अपना नाम व पता फर्जी बताया था।

शातिर ठग का बिछाया जाल
महेश शर्मा इसी साल मार्च में यहां आया। उसने शमीम बानो के साथ मिलकर ठगी की योजना बनाई। महेश ने प्रोजेक्ट एंड न्यू टेक्नोलॉजी मेंटेनेंस सर्विस सेंटर कंपनी में भर्ती के लिए विज्ञापन छपवाए। इस कंपनी को वडोदरा की एबीबी कंपनी के प्रोजेक्ट की शाखा बताया गया। उसने बेरोजगारों को अजमेर में 33केवी लाइन, शंभूपुरा (चित्तौड़) में जेके सिंथेटिक धागा प्लांट, उदयपुर में मोदी फास्फेट रीको इंडस्ट्रीज एरिया और थर्मर पावर प्लांट का काम शुरू करने का झांसा दिया।

बेरोजगार ऐसे आए झांसे में
महेश ने मार्च में ऑफिस स्टॉफ के लिए 15 तथा विभिन्न प्रोजेक्ट में काम करने के लिए 580 बेरोजगारों के इंटरव्यू लिए। उसने बेरोजगारों को 4 से 30 हजार रुपए तक के वेतन पर अलग-अलग पदों पर नौकरी पर रख लिया। उसने सभी से तय वेतन का 60 प्रतिशत सिक्यूरिटी के नाम पर लिया। महेश ने खारा कुआं क्षेत्र में एक फ्लेट किराये पर लिया, जिसमें ऑफिस कम रेजिडेंस था। महिला सहयोगी शमीम के पति मोइनुद्दीन को कंपनी के एक प्रोजेक्ट पर काम करने की कहकर पाली भेज दिया। शमीम चार वर्ष तक झालावाड़ में भी महेश के साथ रही थी। बाद में उसने मोइनुद्दीन के साथ शादी कर ली। महेश जब उदयपुर आया, तब शमीम भी उसके साथ रहने लगी थी। पुलिस इनके संबंधों पर भी शक जता रही है।

ऑफिस स्टॉफ को दी नौकरी, बाकी को झांसा
महेश ने स्टाफ के लिए रखे सभी 15 जनों को तो खारा कुआं स्थित ऑफिस में काम पर रख लिया, बाकी को काम जल्दी शुरू होने का झांसा देता रहा। उसने स्टॉफ में रखे लोगों को वेतन देने के लिए बैंक में उनके अकाउंट भी खुलवाए।

कुछ नहीं बता रही शमीम
नाथद्वारा से गिरफ्तार हुई शमीम बानो ने पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में कुछ भी नहीं बताया है, लेकिन पुलिस के पास पुख्ता सबूत हैं कि उसने महेश के साथ मिलकर शहर के बेरोजगारों को ठगा है।

पुलिस के पास ठग का फोटो
महेश ने यहां खारा कुआं स्थित ऑफिस में 15 अगस्त को ध्वजारोहण कार्यक्रम रखा था, जिसकी वीडियो शूटिंग पुलिस के हाथ लग गई है। कुछ और पुख्ता सबूत भी पुलिस को मिले हैं।

ऑफिस के बाहर खड़ी रहती थी 16 कारें
महेश ने खुद को बड़ी कंपनी का अधिकारी बताने के लिए 25 से 30 हजार रुपए के भाड़े पर करीब 16 कारें ली। ये ऑफिस के बाहर खड़ी रहती थी। इनमें वह स्वयं घूमता था और ऑफिस स्टाफ को घर से लाया व छोड़ा जाता था। इनमें से कई कार मालिकों का भी किराया बकाया चल रहा है।

पुलिस के पास एक ही शिकायत
शहर में हुई इतनी बड़ी ठगी के बावजूद पुलिस के पास अब तक कैलाशपुरी निवासी धर्म्ेद्र मेनारिया ही शिकायत करने आया। पुलिस ने महेश के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाने के लिए कई लोगों से संपर्क किया, लेकिन सभी ने यह कहकर मना कर दिया कि उनका रुपया आ जाएगा।

पुलिस की भनक लगते ही निकल गया ठग
पुलिस ने धर्म्ेद्र की रिपोर्ट के आधार पर गत दिनों महेश के ऑफिस पर दबिश दी थी, लेकिन भनक लगते ही वह शमीम बानो के साथ फरार हो गया। बाद में महेश ने शमीम को भी चकमा दे दिया।





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