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स्वास्थ्य के लिए मोबाइल टावर खतरा

भोपाल bhopal mobile towerराजधानी के विभिन्न इलाकों में लगे सभी 300 मोबाइल टावर शहरवासियों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन गए हैं। अब तक तो इनके गिरने से ही दुर्घटना की आशंका बनी रहती थी अब दूरसंचार मंत्रालय की ताजा अनुशंसाओं से यह भी सामने आया है कि ऐसे टावर के रेडियो विकिरण से जहां लोगों में ब्लड कैंसर पनप सकता है, वहीं इनसे बच्चों का विकास भी रुक सकता है।

राजधानी में मकानों की छत पर लगने वाले टावर हमेशा से विवाद का मुद्दा रहे हैं। मोबाइल कंपनियों को टावर लगाते समय अक्सर स्थानीय रहवासियों के विरोध का सामना करना पड़ता है। टावर गिरने की दो दुर्घटनाएं होने के बाद नगर निगम ने इस बारे में कड़ा रुख अपना लिया है। इधर, इन टावर से होने वाले रेडियो विकिरण के नुकसान पर दूरसंचार मंत्रालय के टेलीकाम इंजीनियरिंग सेंटर की रिपोर्ट देखें तो राजधानी में लगे सभी टावर मानव स्वास्थ्य के नजरिए से सुरक्षित नहीं हैं। यहां अधिकतर टावर मकानों की छत पर लगे हैं, छोटे बच्चों और बुजुर्गो को इनके आसपास टहलते हुए देखा जा सकता है।

मोबाइल कंपनियों ने अब टावर की जगह पोल लगाना शुरू कर दिया है, जिससे एंटिना और करीब आ जाता है। जमीनों पर लगे टावरों के आसपास भी लोगों के जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं है।

शुरू हुआ प्रयास:

हाल में दिल्ली सरकार ने इस बारे में केंद्र सरकार से मदद मांगी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि मप्र में भी इस पर विचार होना चाहिए। भोपाल के कैंसर विशेषज्ञ डॉ. श्याम अग्रवाल के अनुसार रेडियो विकिरणों से बच्चों के विकास पर विपरीत प्रभाव पड़ने और ब्लड कैंसर के खतरों से इनकार नहीं किया जा सकता। उनका मानना है कि जब तक इस बारे में अध्ययन पूरे न हो जाएं बच्चों के मोबाइल उपयोग पर रोक लगाई जाना चाहिए और मोबाइल टावर लगाते समय भी सावधानियां बरती जाना चाहिए। विश्व स्वास्थ्य संगठन भी यह मानता है कि इस बारे में सावधानी बरती जाना चाहिए। कनाडा, अमेरिका, आस्ट्रेलिया, जापान और चीन जैसे देशों ने इस पर अमल भी शुरू कर दिया है।

मोबाइल कंपनियां सहमत नहींमोबाइल कंपनियां इस बात से सहमत नहीं हैं कि उनके टावर या फोन से निकलने वाले विकिरण से लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। एयरटेल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील गोयल के अनुसार इस बारे में जताई गई आशंकाएं अब तक सिद्ध नहीं हुई हैं। बीएसएनएल के भोपाल दूरसंचार महाप्रबंधक महेश शुक्ला के अनुसार, लेकिन अब तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया, जिसमें टावर या मोबाइल फोन से किसी व्यक्ति को नुकसान हुआ हो।

मंत्रालय की प्रमुख अनुशंसाएं>> स्कूल और अस्पतालों के परिसर व संकरी गलियों में मोबाइल टावर नहीं लगाएं >> मोबाइल टावर का एंटिना जमीन या सतह से तीन मीटर ऊपर होना चाहिए >> टावर के पास आम लोगों का जाना प्रतिबंधित हो >> 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को मोबाइल उपयोग से हतोत्साहित किया जाना चाहिए।





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