जोधपुर:
रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार सुबह चोर गिरोह के कैदियों ने चालानी गार्ड को पीट दिया। पुलिसकर्मी व कैदी आपस में भिड़ गए। इस बीच एक कैदी ने अपना सिर फोड़ लिया। रेलवे पुलिस ने पांचों कैदियों को गिरफ्तार कर रेलवे मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। बाद में उन्हें फिर से जेल भेज दिया गया, इससे उन्हें पेशी पर भी नहीं ले जाया जा सका।
रेलवे पुलिस ने बताया कि सेंट्रल जेल के बंदी प्रेमराज, कानसिंह, हीरालाल, सतीश व अकबर को शुक्रवार सुबह ओसियां कोर्ट में पेशी पर ले जाना था। छह चालानी गार्ड उन्हें लेकर सुबह आठ बजे रेलवे स्टेशन पहुंचे। जोधपुर-जैसलमेर पैसेंजर ट्रेन में कैदियों को बैठा दिया। प्रेमराज कोच की आपातकालीन खिड़की के पास बैठ गया तो सिपाही रामकिशोर ने उसे वहां से हटने को कहा।
कैदी प्रेमराज ने सिपाही की बात पर ध्यान नहीं दिया तब उसने दूसरी बार उससे कहा कि यह खिड़की खुल सकती है और वह भाग सकता है इसलिए वहां सिपाही बैठेगा तथा खिड़की बंद रहेगी। प्रेमराज वहां से उठा और सिपाही रामकिशोर पर घूंसे बरसाने लगा। चार अन्य कैदियों ने भी सिपाही की धुनाई की तब दूसरे सिपाहियों ने बीच-बचाव किया तो सभी आपस में भिड़ गए। इस बीच दूसरे कैदी कानसिंह ने अपना सिर सीट पर पटक कर फोड़ लिया। हंगामा होते देख रेलवे पुलिस वहां पहुंची और कैदियों को पकड़ लिया।
आत्महत्या के प्रयास का मुकदमा
रेलवे पुलिस ने जख्मी कैदी प्रेमराज, कानसिंह व सिपाही रामकिशोर का मेडिकल करवाया। रामकिशोर की रिपोर्ट पर पांचों सिपाहियों के खिलाफ मारपीट तथा कैदी कानसिंह के खिलाफ आत्महत्या का प्रयास करने का मुकदमा दर्ज किया। फिर उन्हें रेलवे मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर पुन: जेल भेज दिया गया। मारपीट के कारण इन कैदियों को पेशी पर भी नहीं ले जाया जा सका।
चूकीदेवी का गिरोह है
शातिर चोर प्रेमराज, कानसिंह, सतीश, अकबर व हीरालाल महिला सरगना चौखा निवासी चूकीदेवी के गिरोह के सदस्य हैं। दुकानों के शटर तोड़ने में माहिर यह गिरोह अप्रैल में पकड़ा गया था। इस गिरोह ने जोधपुर शहर, ग्रामीण, बाड़मेर व पाली में दो दर्जन से अधिक वारदातें की थीं तथा पुलिस ने उनके कब्जे से लगभग दस लाख रुपए का सामान बरामद कर किया था। ये लोग टाटा स्पेशियो गाड़ी लेकर रात में निकलते थे तथा शटर तोड़ कर सामान चुराते थे। चोरी का सामान पडोसियों के घर में भी छुपा रखा था।