भोपाल सरकार से अंतरिम फीस बढ़ाने का आश्वासन मिलने के बाद निजी व्यावसायिक कालेजों में जीरो इयर किये जाने का मामला फिलहाल ठंडा पड़ गया है। कालेज संचालकों ने तय किया है कि सरकार के फैसले का इंतजार करेंगे और दस सितंबर से नये बैच की कक्षाएं शुरू कर दी जाएंगी। शुक्रवार को तकनीकी शिक्षा मंत्री और फीस कमेटी अध्यक्ष के साथ हुई कालेज संचालकों की चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया। इसके साथ ही फिलहाल फीस बढ़ने में मामले में बनी अनिश्चय की स्थिति पर विराम लग गया है।
ज्यादा फीस नहंी ले पाएंगे: निजी व्यावसायिक कालेजों की अंतरिम फीस बढ़ाने की चर्चा पर लगे विराम के बाद निजी कालेज फिलहाल 23,300 से 31,000 से ज्यादा फीस नहीं ले पाएंगे। कमेटी द्वारा इस बारे में फैसला लेने तक पिछले आदेश के अनुसार यही फीस लागू रहेगी। इससे ज्यादा फीस लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की कमेटी पहले ही चेतावनी दे चुकी है, हालांकि निजी संचालकों ने कार्रवाई किए जाने संबंधी कोई भी नोटिस मिलने से इंकार किया है।
कालेज संचालकों ने शुक्रवार को वल्लभ भवन में हुई बैठक में फीस कमेटी के अध्यक्ष पुरुषोत्तम लाल चतुर्वेदी से अंतरिम फीस बढ़ाने के संबंध में चर्चा की। बैठक में मौजूद तकनीकी शिक्षा मंत्री नागेंद्र सिंह ने भी कमेटी अध्यक्ष के सामने सरकार का पक्ष रखा। श्री सिंह का कहना था कि कमेटी ऐसा फैसला करे, जिससे कालेजों की व्यवस्था में कठिनाई न हो और प्रदेश के छात्रों का भी नुकसान न हो।
आश्वासन दिया: कमेटी अध्यक्ष श्री चतुर्वेदी ने फीस बढ़ाने पर विचार करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कालेजों की मैनेजमेंट कोटा और अंतिम फीस की मांग के बारे में भी सकारात्मक उत्तर दिया है। कमेटी अध्यक्ष और तकनीकी शिक्षा मंत्री ने संचालकों से कालेज संचालन की सभी व्यवस्थाएं ठीक रखने को कहा है। उन्होंने संचालकों को भरोसा दिलाया है कि मुख्यमंत्री भी इस मामले पर पूरी नजर रख रहे हैं।
कोर कमेटी के सदस्य केएल ठकराल ने कहा है कि उन्हें सरकार ओर कमेटी अध्यक्ष के सकारात्मक रवैये पर भरोसा है कि जल्द ही हमारी मांग मानी जाएगी। कमेटी अध्यक्ष श्री चतुर्वेदी ने बताया कि संचालकों के प्रस्ताव पर कमेटी की बैठक में विचार किया जाएगा। कमेटी की बैठक जल्द ही होगी।
आयोजित की जाएगी। सौहार्द्रपूर्ण माहौल में हुई बैठक के बाद आखिरकार कालेज संचालक जीरो इयर के अल्टीमेटम को वापस लेने को तैयार हो गए और फिलहाल कक्षाएं शुरू करने का फैसला किया गया।