लॉर्डस: इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों की शानदार गेंदबाजी और खराब अंपायरिंग के के चलते भारतीय टीम सातवें और निर्णायक वन डे में गहरे संकट में फंस गई है। उसने अपने चार विकेट महज 67 रन पर ही गंवा दिए हैं। सेट बेट्समैन सचिन तेंडुलकर को अनुभवी अंपायर अलीम दर ने फ्लिंटॉफ की गेंद पर विकेट कीपर मैट प्रियोर के हाथों कैच आउट करार दिया। जबकि गेंद बल्ले के आसपास भी नहीं थी। इस निर्णय से पहले से ही संकट में घिरी टीम को एक करारा आघात तो लगा ही, साथ ही इस महान बल्लेबाज को इंग्लैंड में अपनी अंतिम पारी के बाद वह विदाई नहीं मिल सकी जिसकी दर्शक और खेलप्रेमी उम्मीद कर रहे थे। 
इससे पहले सचिन और सौरव ने पारी की सतर्क शुरुआत की। दोनों ने ही ओपनरों ने धर्य से खराब गेंद का इंतजार किया। गांगुली ने ब्रॉड के चौंथे ओवर में लगातार दो चौके जड़कर चुप्पी तोड़ी। लेकिन उनकी पारी ज्यादा लंबी नहीं चल सकी। वे महज 15 रन बनाकर इस मैच में जोरदार गेंदबाजी कर रहे एंडरसन की गेंद पर दूसरी स्लिप पर खड़े फ्लिंटॉफ को कैच दे बैठे। सचिन सौरव के बीच पहले विकेट के लिए इस बार सिर्फ 29 रनों की साझेदारी ही हो सकी।
इसके बाद खेलने आए गौतम गंभीर ने महज 12 रन पर एंडरसन की गेंद पर पाइंट पर कैच दे बैठे। तीसरे नंबर पर खेलने आए कप्तान द्रविड़ तो बिना खाता खोले ही फ्लिंटॉफ की गेंद पर विकेट कीपर के हाथों कैच आउट करार दिए गए। हालांकि वे इस निर्णय से संतुष्ट नहीं थे। भारत को सबसे बड़ा झटका पूरी तरह से जमकर खेल रहे सचिन तेंडुलकर को 16 वें ओवर में फ्लिंटॉफ की गेंद पर तेंडुलकर को आउट करार दिए जाने से लगा। उन्होंने 30 रन बनाए ।