इंदौर
'संन्यास लेना सचिन का निजी फैसला है। वे जितना नाम कमाना चाहते थे, कमा चुके हैं। अब उन्हें देखकर लगता है कि जैसे कोई बच्चा खिलौने से खेल रहा हो।' पूर्व टेस्ट क्रिकेटर और भाजपा सांसद नवजोत सिंह सिद्धू ने यह टिप्पणी यहां शुक्रवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से चर्चा में की।
यह पूछने पर कि आईसीएल बेहतर है या बीसीसीआई, सिद्धू ने कहा कि आईसीएल के साथ अच्छे खिलाड़ी जुड़ें तो उससे बेहतर कुछ नहीं है। आईसीएल ऐसे आई है जैसे किसी ने सोते हुए कुंभकरण को जगाया है।
आम आदमी के लिए सिद्धू ने अपने राजनीतिक उद्देश्य के बारे में कहा, 'राजनीति मेरे लिए प्रोफेशन नहीं मिशन है जिससे मैं आम आदमी के जीवन में बदलाव ला सकूं। किसी भी काम में सेवा भाव आते ही वह मिशन बन जाता है।'
सच लिखने की हिम्मत नहीं अभी तक कोई किताब न लिखने के बारे में उन्होंने कहा कि वे सच कहने की हिम्मत तो रखते हैं, लेकिन जिस दिन सच लिखने की हिम्मत जुटा लेंगे, जरूर लिखेंगे। हॉकी में गोल करने पर पैसे मिलने वाले नियम के बारे में उनका मानना है कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। इसके लिए पहले मूलभूत सुविधाएं होना जरूरी हैं।