कोटा: द्वितीय काउंसलिंग के बाद भी इंजीनियरिंग की विभिन्न ब्रांचों में 2000 से अधिक सीटें रिक्त रहने की संभावना है। लिहाजा सीधे प्रवेश देने के लिए सरकार ने तकनीकी विवि को दिशा-निर्देश बनाने के लिए कहा है। विवि में आरपीईटी को-आर्डिनेशन कमेटी ने इस बारे में गाइड लाइन तैयार की है। जिसे मंगलवार तक जारी किया जाएगा।
इस कमेटी में अध्यक्ष कुलपति प्रो. दामोदर शर्मा हैं। इसके अलावा आरपीईटी के समन्वयक डॉ. ओपी छंगाणी, डॉ. बीपी सुनेजा, डॉ. सीपी गुप्ता, तकनीकी विवि के वित्त अधिकारी तथा कुलसचिव एचएस गोयल कमेटी में शामिल हैं। मंगलवार को दिशा-निर्देशों को मंजूरी देने के बाद सभी कॉलेजों को इसकी जानकारी भेज दी जाएगी।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक दिशा-निर्देशों में रिक्त सीटों पर पहली प्राथमिकता आरपीईटी या एआईईईई क्वालिफाई विद्यार्थियों को दी जाएगी। इसके बाद भी सीटें खाली रहती हैं तो बारहवीं पास को प्रवेश मिलेगा।
इधर, राजस्थान प्री-इंजीनियरिंग टेस्ट (आरपीईटी) की द्वितीय काउंसलिंग के बाद कॉलेज में प्रवेश के लिए रिपोर्ट करने की अंतिम तिथि शनिवार को पूरी हो गई। किस ब्रांच में कितनी सीटें खाली हैं, इसकी जानकारी 12 सितंबर तक समस्त कॉलेज आरपीईटी विभाग कोटा को देंगे। इसके बाद रिक्त सीटों की स्थिति साफ हो जाएगी। पहली काउंसलिंग के बाद 2600 सीटें खाली थी। द्वितीय काउंसलिंग के बाद भी करीब 2200 सीटें खाली रहने की संभावना है।
* ‘सरकार की मंशा है। आरपीईटी तथा एआईईईई के विद्यार्थियों को प्रवेश देने के बाद भी यदि सीटें रिक्त रहती हैं तो उन्हें 12वीं पास से भरा जा सकता है। तकनीकी विवि गाइड लाइन तैयार कर रहा है।’
- एचएस गोयल, कुलसचिव तकनीकी विवि
* ‘बीते सालों में 12वीं पास को रिक्त सीटों पर सीधे प्रवेश मिलता रहा है। इस बार भी हो सकता है। गाइड लाइन तैयार की जा रही है।’
- डॉ. ओपी छंगाणी, समन्वयक आरपीईटी