जयपुर: गुर्जर नेताओं ने अनुसूचित जनजाति में शामिल होने के मुद्दे पर हर गुर्जर परिवार से कुर्बानी के लिए तैयार रहने का आह्वान किया है। आदर्शनगर के गीता भवन में शनिवार को हुई गुर्जरों की बैठक में राजस्थान सहित देश के विभिन्न भागों से आए गुर्जर नेताओं ने कहा कि वे हर कीमत पर आरक्षण लेकर रहेंगे। सरकार ने 12 सितंबर तक यदि केंद्र को चिट्ठी नहीं भेजी तो धौलपुर की महापंचायत में आंदोलन की घोषणा की जाएगी। इसके लिए महापंचायत की पूर्व रात्रि को ही धौलपुर में आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।
चोपड़ा कमेटी का कार्यकाल बढ़ाने के अनुरोध को ठुकराने वाले गुर्जर प्रतिनिधियों की बैठक सात घंटे चली। बैठक को गोपनीय रखने के लिए पास से ही प्रवेश दिया गया। हालांकि अंदर से माइक की आवाज बाहर तक गूंज रही थी।
कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला सहित ज्यादातर नेताओं ने कहा कि वे सरकार की समय बढ़ाने की मांग को स्वीकार नहीं करेंगे। उन्हें सिर्फ आरक्षण चाहिए। इस संबंध में 12 सितंबर तक चिट्ठी हर हाल में केंद्र को पहुंच जानी चाहिए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो अगले दिन होने वाली धौलपुर की महापंचायत में ऐतिहासिक संग्राम की घोषणा की जाएगी।
बैठक में प्रतिनिधियों ने कहा कि उनका मकसद आरक्षण लेकर रहना है। गुर्जर प्रतिनिधियों का कहना था कि सरकार की ओर से तीन माह मे फैसले का आश्वासन देने पर गुर्जरों ने आंदोलन स्थगित कर दिया था। अब सरकार प्रकरण को बेवजह लंबा खींचने की कोशिश कर रही है।
पीढ़ियां कहेंगी, पुरखों ने किया था ऐसा आंदोलन
बैठक में कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री पर भरोसा है कि वे 12 सितंबर तक चिट्ठी भेज देंगी। नहीं तो ऐसा आंदोलन होगा कि हमारी आने वाली पीढ़ियां कहेंगी कि हमारे पुरखों ने ऐसा आंदोलन किया था। यह पूरे गुर्जर समाज की सामूहिक लड़ाई है। हर हाल में सरकार को झुकना पड़ेगा। वे आरक्षण लेकर रहेंगे।
इन्होंने भाग लिया
बैठक में कर्नल किरोड़ीसिंह बैसला, नाथूसिंह गुर्जर, गोविंद सिंह गुर्जर, प्रहलाद गुंजल, अतरसिंह भड़ाना, हरज्ञान सिंह गुर्जर, गोपीचंद गुर्जर, हरिसिंह महुआ, डॉ. विक्रम सिंह, सुखवीर जोनापुरिया सहित बड़ी संख्या में गुर्जर संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।