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Bachhon Ka Kona Bachhon Ka Kona
* दरवाजे पर खड़े हट्टे-कट्टे संता भिखारी को देखकर बंता बाबू बोले, अरे भाई, टमाटर खाओ न!संता भिखारी बोला, बाबूजी सूखी रोटी खाने लायक तो भीख मिलती नहीं, इतना महंगा टमाटर कहां से खा सकते हैं? पास में खड़ा बंता बाबू का बच्च भिखारी से बोला, बाबा, पापा पान खा रहे हैं। वो टमाटर नहीं, कमाकर खाने का कह रहे हैं। आप समझे नहीं, आगे जाओ।
-अमित माहेश्वरी, नैनवां बूंदी -राज
* आंखों के सामने भागे चोर को पकड़ने गए सिपाही बंता वीर के खाली हाथ लौट आने पर, संता थानेदार ने उसे डांटते हुए पूछा, तुम चोर के पीछे दौड़े थे, खाली हाथ कैसे लौट आए? सिपाही बंता वीर बोला, भागते-भागते वह एक घर में घुस गया, जिसके दरवाजे पर लिखा था- अंदर आना मना है।
-हीरालाल खेराजानी, नागदा जं.-मप्र
* एक कंपनी में ऑपरेटर संता राय तबीयत ख़राब होने से ह़फ्ते भर बाद डच्यूटी पर आया। बॉस बंता डे ने उसके हालचाल पूछे, राय क्या हो गया था भाई, अब कैसी तबीयत है? संता राय, सर, मेरा कान काफी जल गया था। अब ठीक है। बॉस बंता डे, अरे, कान कैसे जल गया भाई? संता राय, सर, दरअसल मैं कपड़ों पर प्रेस कर रहा था। तभी अचानक किसी का फोन आया, मैंने जल्दी में प्रेस उठाकर कान से लगा ली।
-राजू कसेरा, झालरापाटन-राज
* बहुत दिनों बाद दिखे संता दुबे से तकाजा करने में संकोच कर रहे सेठ बंता अग्रवाल ने मुस्कराते हुए कहा, भई, आपको देखकर मुझे गुप्ता जी की याद आ जाती है। संता दुबे बोले, ऐसा क्यों? मुझमें और उनमें तो कोई समानता नहीं है। सेठ बंता अग्रवाल बोले, नहीं-नहीं.. क्या है, मुझे गुप्ता जी से भी पांच हजार रुपए लेना हैं।
-अविनाश कस्तूरे, गढ़ा (जबलपुर) -मप्र