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अफसरों को डांट, जनता की ताली

शाजापुर/शुजालपुर: मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने जब सवाल पूछे तो ग्रामीणों ने सरकारी र्ढे की पोल खोलकर रख दी। पटवारी द्वारा रुपए मांगने से लेकर बड़ी-बड़ी योजनाओं के सही क्रियान्वयन नहीं होने तक का मुद्दा मुख्यमंत्री के सामने आया। उन्होंने अधिकारियों को जब फटकार लगाई तब ग्रामीण ताली बजाने से नहीं चूके।

शनिवार को मुख्यमंत्री श्री चौहान शाजापुर जिले में जनदर्शन के लिए पहुंचे थे। उन्होंने दोपहर ११.३क् बजे कालापीपल से जनदर्शन शुरू किया। यहां ११७ करोड़ के विकास कार्यो का भूमिपूजन किया। कालापीपल को ग्राम पंचायत से नगर पंचायत बनाने संबंधी मांग सीएम के सामने उठाई गई। इस पर श्री चौहान ने जरूरी प्रक्रिया शुरू करवाने का आश्वासन दिया।

पहले ही स्थान पर ग्रामीणों द्वारा जननी सुरक्षा योजना का लाभ नहीं मिलने, स्कूलों में मुफ्त किताबें नहीं पहुंचने जैसे मामले उठाए, जिससे सीएम खासे नाराज हुए और संबंधित अधिकारियों सहित कलेक्टर से जवाब मांगा।

मुख्यमंत्री हर सवाल पर अधिकारियों को स्टेज पर तलब करते जा रहे थे, जिससे ग्रामीणों में उत्साह जागा और उन्होंने सवालों की झड़ी लगा दी। जैसे-जैसे ग्रामीण शिकायत करते गए मुख्यमंत्री के तेवर तीखे होते गए। ग्राम जामनेर में जब सीएम ने ग्रामीणों से पूछा कि घासलेट मिलता है या नहीं तो ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा नहीं मिलता है।

इस पर उन्होंने उचित मूल्य दुकान के रिकॉर्ड जब्त करने के निर्देश कलेक्टर को दिए। उन्होंने खाद्य अधिकारी व एसडीएम को भी तलब किया। इसी तरह ग्राम चाकरोद में ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें चार घंटे ही बिजली मिल रही है। ग्राम पंचदेहरिया के लोगों ने सोयाबीन की फसल में दाने नहीं आने की शिकायत की। इस पर सीएम ने अधिकारियों को सर्वे करवाकर मुआवजा वितरण के निर्देश दिए।

ये शिकायतें हुईं
>> जननी योजना के तहत राशि नहीं मिलना।
>> सीमांकन व नामांकन के मामले में पटवारी रुपए मांगते हैं।
>> कई स्कूलों में नि:शुल्क पुस्तकें अभी तक नहीं पहुंचीं।
>> गांव में घासलेट नहीं मिल रहा है।
>> ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली चार घंटे ही मिल रही है।
>> अधिकारी सुनते नहीं।





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