जोधपुर:
जैसलमेर से जोधपुर रेलवे स्टेशन पर शनिवार सुबह 7 बजे पहुंची पैलेस ऑन व्हील के 102 सैलानियों का परंपरागत तरीके से स्वागत किया गया। सभी सैलानी स्टेशन के बाहर खड़ी लग्जरी बसों में बैठ कर जसवंतथड़ा, मेहरानगढ़ तथा घंटाघर भ्रमण के लिए निकल गए।
पैलेस ऑन व्हील में सफर कर रहे यूरोप,जर्मनी, स्पेन, जापान, यूएसए सहित अनेक एनआरआई पर्यटकों ने घंटाघर व शहर क्षेत्र में शॉपिंग का लुत्फ उठाया। बाद में दोपहर एक बजे सभी सैलानी उम्मेद भवन पैलेस पहुंचे जहां ढोल-ढमाकों व बैंड बाजे के साथ शाही अंदाज में उनका स्वागत किया गया।
दोपहर में पैलेस में उन्होंने लंच लिया। लंच के बाद कुछ सैलानियों ने उम्मेद भवन रोड तथा सर्किट हाउस रोड स्थित हैंडीक्राफ्ट शॉप में खरीददारी की तथा 3 बजे तक रेलवे स्टेशन पहुंचने शुरू हो गए। प्लेटफार्म पर राजस्थानी पोशाक धारण किए शाही रेल के कर्मचारियों ने सैलानियों को कोच में बैठने में मदद की।
फैंटास्टिक
शाही रेल के लाउंज में बैठे लेपटॉप पर कार्य रहे यूके के सैलानी एंडी से जब इस संवाददाता ने पूछा कि उनका शाही रेल का अनुभव कैसा रहा..एंडी ने तुरंत कहा फैंटास्टिक..उनके साथ ही बैठी उनकी पत्नी ऐनी ने कहा वे नई पैलेस ऑन व्हील शुरू होते ही दुबारा बुकिंग कराने का मानस बना चुकी हैं।
जैसलमेर इज दी बेस्ट
एंडी ने बताया कि उन्होंने शाही गाड़ी से अब तक जयपुर, जोधपुर व जैसलमेर का भ्रमण किया है। यह पूछने पर कि इनमें से सबसे अच्छा शहर कौनसा लगा, एंडी ने कहा जैसलमेर इज दी बेस्ट सिटी।
नई साज सज्जा और नई गाड़ी
शाही रेल के लाउंज कोच में बैठे आरटीडीसी के सीनियर मैनेजर सौभाग सिंह शेखावत तथा प्रदीप बोहरा ने बताया कि शाही रेल में नई साज सज्जा की गई है। साथ ही इस गाड़ी के वर्ष 2010 तक की बुकिंग फुल हो जाने तथा नई बुकिंग के प्रेसर के चलते अगले वर्ष मार्च से इसी तरह की एक और पैलेस ऑन व्हील तैयार कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि 102 यात्रियों तथा 53 कार्यकर्ताओं सहित शाही रेल का सफर दिल्ली से बुधवार को शुरू हुआ था। प्रति व्यक्ति 412 डॉलर पैकेज वाली इस गाड़ी में सभी विदेशी अथवा एनआरआई भारतीय यात्री यात्रा कर रहे हैं।
यूं हुई रवानगी
शाही रेल अपराह्न् 3:30 बजे जयपुर के रास्ते सवाई माधोपुर के लिए रवाना हो गई जहां से चित्तौड़, उदयपुर तथा भरतपुर होते हुए मंगलवार तक आगरा पहुंचेगी व दूसरे दिन दिल्ली पहुंच कर शाही रेल का पहला फेरा समाप्त होगा।