भोपाल: आईजी भोपाल रेंज अनिल कुमार ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस लाइन के क्वार्टर में रहने वाले पुलिसकर्मी आपस में झगड़ा करते हैं, तो उन्हें बर्खास्त कर मकान खाली कराया जाएगा। श्री कुमार शनिवार को पुलिस लाइन, नेहरू नगर में सिपाही और हवलदारों से रूबरू हुए। यहां उन्होंने उनकी समस्याएं और सुझाव सुने। इस अवसर पर डीआईजी अनुराधा शंकर सिंह और एसपी अनंत कुमार सिंह भी मौजूद थे।
आईजी ने कहा कि उनके पास शिकायतें आ रही हैं कि पुलिस लाइन के क्वार्टरों में रहने वाले सिपाही और हवलदार मामूली बातों पर आपस में झगड़ा करते हैं। जिसकी शिकायत उच्च स्तर पर होती है। यहां सरेआम जुआ और शराबखोरी भी होती है। उन्होंने कहा- ‘यदि किसी को शराब पीनी है और यह आदत अपने बच्चों में भी डालना है, तो वे घर में शराब पिएं, लेकिन जनता के बीच यदि शराब पीने की शिकायत मिली, तो दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।’
समस्याएं:
इस मौके पर सिपाही और हवलदारों ने आईजी को बताया कि पुलिस लाइन के मकान जर्जर हो चुके हैं। यहां छतों से पानी टपकने और सीवेज की समस्या है। कुछ पुलिसकर्मियों ने अपना तबादला जिले के थानों में करने की इच्छा जाहिर की। एक सिपाही ने सुझाव दिया कि लाइन में बच्चों के मनोरंजन के साधन के साथ डिस्पेंसरी, आटा चक्की और एक सुपर बाजार होना चाहिए।
कुछ सिपाहियों ने कहा कि पुलिस लाइन के क्वार्टर पुलिस अधीक्षक द्वारा ही आवंटित होने चाहिए, क्योंकि अब उन्हें पुलिस मुख्यालय में भी बाबुओं की जेब गरम करनी पड़ती है। एक सिपाही का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट और मुख्यालय से आने वाले दिशा-निर्देशों को थानों में लगभग एक हफ्ते नोटिस बोर्ड पर लगाया जाना चाहिए, जिससे सभी को उनकी जानकारी हो सके।
आईजी का आश्वासन
>> जर्जर मकानों की मरम्मत एक महीने के अंदर कराने का भरोसा।
>> सामुदायिक कार्यो के लिए अतिरिक्त बैरक का निर्माण होगा।
>> लाइन में होम्योपैथिक डिस्पेंसरी संचालित है, उसके खुलने का समय बढ़ेगा।
>> मेडिकल के लंबित बिलों का शीघ्र निराकरण कर उनका भुगतान किया जाएगा।
>> ट्रैफिक और लाइन से थाना भेजने पर भी विचार।