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जांच शुरू

अजमेर: enquiry इंजीनियरिंग कॉलेज में एसएमएस के द्वारा जूनियर्स को रैगिंग के लिए परेशान करने के मामले में जब्त 150 मोबाइल फोनों की चैंकिंग शुरू हो गई है। कॉलेज प्रशासन ने संयुक्त जांच कमेटी गठित की है। यह कमेटी चार दिन में प्राचार्य को रिपोर्ट देगी। इसके बाद दोषी विद्यार्थियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

बड़ल्या चौराहे स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज प्रशासन ने एसएमएस भेजकर जूनियर्स को रैगिंग के लिए बुलाने की शिकायतें मिलने पर शुक्रवार को 150 मोबाइल फोन जब्त किए थे। इनमें जूनियरों सहित कई सीनियर छात्र-छात्राएं भी शामिल हैं। मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए प्राचार्य डॉ. श्रीगोपाल मोदानी ने मोबाइल फोन की जांच के लिए शनिवार को संयुक्त जांच कमेटी गठित कर दी। इसमें कंप्यूटर विभाग की लेक्चरर प्रकृति त्रिवेदी को कन्वीनर बनाया है। उनके साथ चीफ प्रॉक्टर हरिशंकर मेवाड़ा, सभी विभागाध्यक्षों के साथ आइटी विभाग के हरिप्रभात को भी शामिल किया गया है।

सूत्रों के मुताबिक आदेश मिलते ही कमेटी ने मोबाइल फोन की जांच शुरू कर दी है। इसमें मोबाइल के मैसेज बॉक्स की चैकिंग सबसे अहम है। कमेटी मैसेज भेजने वाले के नंबर, मोबाइल के मालिक, चिप जारी होने की तारीख, इनकमिंग और आउटगोइंग कॉल डिटेल के अलावा संबंधित मोबाइल कंपनी से जानकारी लेगी। इसकी तथ्यात्मक रिपोर्ट गुरुवार तक सौंपनी होगी।

कॉलेज में खलबली
शनिवार को बॉयज और गल्र्स इंजीनियरिंग कॉलेज में खलबली मची रही। विद्यार्थियों सहित उनके पेरेन्ट्स पूछताछ करते नजर आए। कॉलेज ने ‘दैनिक भास्कर’ में प्रकाशित खबर को नोटिस बोर्ड पर चस्पा किया। साथ ही लेक्चर्स और स्टाफ को चैकिंग के लिए पाबंद किया।

जैमर लगाने की तैयारी
प्रशासन मोबाइल फोन पर प्रतिबंध लगाने की गरज से कैंपस में हाइ फ्रीक्वेंसी का जैमर लगवाएगा। इसकी रेंज में आने पर मोबाइल स्वत: काम करना बंद कर देगा। जैमर लगने तक मोबाइल रखने वाले विद्यार्थियों से जुर्माना वसूला जाएगा।

पुलिस भी अलर्ट
कॉलेज में बड़े पैमाने पर मोबाइल पकड़ने की कार्रवाई से पुलिस अलर्ट हो गई। आदर्श नगर थाना सीआई विष्णुदेव सामतानी ने प्राचार्य से मुलाकात की। उन्होंने मोबाइल में एसएमएस मैसेज की जानकारी पुलिस को भी उपलब्ध कराने को कहा।

* संयुक्त जांच कमेटी गठित कर दी गई है। जब्त किए गए सभी 150 मोबाइल की जांच होगी। कमेटी की रिपोर्ट मिलने के बाद उसका अध्ययन किया जाएगा। इसमें दोषी पाए गए स्टूडेंट्स के पेरेन्ट्स को बुलवाया जाएगा। उनसे अंडरटेकिंग लेने के बाद ही मोबाइल वापिस किए जाएंगे।
डॉ. श्रीगोपाल मोदानीप्राचार्य, इंजीनियरिंग कॉलेज





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