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साध्वी ऋतंभरा को देवी अहिल्या पुरस्कार आज

इंदौर: ग्यारहवां देवी अहिल्याबाई राष्ट्रीय पुरस्कार इस बार साध्वी ऋतंभरा को दिया जाएगा। रविवार शाम पांच बजे बास्केटबॉल कॉम्प्लेक्स में होने वाले समारोह में जूनापीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंदजी,मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान तथा शिक्षामंत्री लक्ष्मणसिंह गौड़ की मौजूदगी में उन्हें सम्मानित करेंगे।

साध्वी ऋतंभरा को देवी अहिल्याबाई राष्ट्रीय पुरस्कार मातृत्व से वंचित निराश्रित बच्चियों के लिए वात्सल्यधाम की संकल्पना, क्रियान्वयन और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाने के लिए सम्मानित किया जा रहा है।

श्री अहिल्योत्सव समिति की अध्यक्ष सांसद सुमित्रा महाजन ने बताया राम जन्मभूमि आंदोलन को जनांदोलन बनाने में अहम भूमिका निभाने वाली साध्वी शिशु व मातृशक्ति के विकास के लिए समर्पित हैं। आध्यात्मिक व धार्मिक चेतना जाग्रत करने में भी उनकी अहम भूमिका रही है।

कार्यकारी अध्यक्ष अशोक डागा व सचिव विट्ठलराव गावड़े ने बताया समारोह में शामिल होने के लिए स्वामी अवधेशानंद व साध्वी ऋतंभरा रविवार सुबह 8.45 बजे जेट एअरवेज की फ्लाइट से इंदौर पहुंचेंगे।

10 सितंबर को देवी की पालकी-देवी अहिल्या की 212वीं पुण्यतिथि पर सोमवार सुबह 8 बजे राजबाड़ा प्रतिमा स्थल पर पूजन व आरती होगी। दोपहर 3.30 बजे गांधी हॉल में आयोजित मुख्य समारोह में टीवी कलाकार स्मृति इरानी तथा कुलपति डॉ. भागीरथ प्रसाद अतिथि होंगे।

प्रचार प्रमुख सुधीर देड़गे ने बताया समारोह में अहिल्योत्सव से संबंधित प्रतियोगिताओं के पुरस्कार बंटेंगे और एमवाय अस्पताल में नि:स्वार्थ सेवा करने वाले रामचंद्र गौड़ पहलवान का सम्मान किया जाएगा। शाम पांच बजे वहीं से गोपाल मंदिर तक देवी अहिल्या की पालकी निकलेगी। इसमें बैंड-बाजे, अखाड़े, भजन मंडली तथा झांकियों के साथ ही घुड़सवार महिला सेना व होलकर राजाओं के प्रतिरूप भी निकलेंगे। नन्हें बच्चे घोड़ों पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की वेशभूषा में रहेंगे।

ऐसा है साध्वी का वात्सल्य परिवार‍
साध्वी ऋतंभरा द्वारा विकसित वात्सल्यधाम के वात्सल्य परिवार में 5 बालिका, 2 बालक, 1 जननी, 1 मौसी तथा 1 नानी होगी। यह परिवार रक्त संबंधों के बजाय भावनात्मक संबंधों से जुड़ा रहता है।

अब तक के सम्मान‍
नानाजी देशमुख, निर्मला बुच, विजयाराजे सिंधिया, डॉ. आर. चिदंबरम, पांडूरंग शास्त्री आठवले, आचार्य चंदनाश्रीजी, डॉ. रघुनाथ अनंत माशेलकर, डॉ. अभय बंग, सुधा नारायण मूर्ति एवं दामोदर गणोश बापट को यह राष्ट्रीय पुरस्कार दिया जा चुका है।

कल आधे दिन का अवकाश‍
अहिल्या उत्सव के अवसर पर जिले में 10 सितंबर को आधे दिन का स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है। कलेक्टर विवेक अग्रवाल द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिले के सीमा क्षेत्र के सभी शासकीय कार्यालय सुबह 7 से 11 बजे तक लगेंगे।





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