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International International नई दिल्ली.
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने स्वीकार किया है कि कारगिल युद्ध से उन्हें भारत के तत्कालिन प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी के सामने काफी शर्मिदा होना पड़ा था। मुशर्रफ का नाम लिए बगैर उन्होंेने कहा कि कारगिल युद्ध तत्कालीन सेना अध्यक्ष की देन थी। इसके बारे में उन्हें कुछ भी पता नहीं था।
स्वदेश वापसी से पहले एक इंटरव्यू में नवाज शरीफ ने कहा कि यदि वे चुनाव में बहुमत हासिल करते हैं तो उनकी सरकार कारगिल युद्ध और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर एक आयोग का गठन करेगी। उन्होंने कहा कि तत्कालीन सेना अध्यक्ष ने भारत और पाकिस्तान के बीच मधुर होते संबंधों को बिगाड़ने का काम किया। उन्होंने इस बात पर अफसोस जताया कि वे इसपर कोई एक्शन नहीं ले सके।
भारत और पाकिस्तान के बीच मधुर संबंधों की वकालत करते हुए नवाज शरीफ ने कहा कि कारगिल की घटना से वे काफी आहत हुए हैं और यह भारत और पाकिस्तान द्विपक्षीय संबंधों के इतिहास में याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंधों में यह बेहद दुखद घटना थी। नवाज शरीफ ने बेहद आहत स्वर में कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए था।
कारगिल युद्ध के करीब तीन महीने बाद ही पाकिस्तान मुस्लिम लीग के नेता नवाज शरीफ का तख्ता पलट दिया गया था। इसके बाद यहां सैनिक शासन लागू कर दिया गया था। नवाज शरीफ ने कहा कि कारगिल के बाद भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि शरीफ साहब आपने मुझे धोखा दिया। इंटरव्यू में नवाज शरीफ ने कहा कि वाजपेयी अपनी जगह पर बिल्कुल सही थे और मैंने इसे स्वीकार भी किया।