इस्लामाबाद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ सात वर्षो का निर्वासित जीवन बिताने के बाद आज सुबह इस्लामाबाद पहुंच गए है । इस्लामाबाद एयरपोर्ट पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है और एयरपोर्ट स्थल को पूरी तरह से सील कर दिया गया है ।
सार्वजनिक रैलियों पर प्रतिबंध पूरे पाकिस्तान में सार्वजनिक रैलियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है तथा एयरपोर्ट स्थल के चप्पे चप्पे पर पुलिस के जवान तैनात कर दिए गए है । नवाज शरीफ से मिलने आने वाले लोगों की सख्यां को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए है ।
निर्वासन पांच साल का था: अब तक जेल से रिहाई के लिए मुशर्रफ से किसी तरह के सौदे इनकार करने वाले शरीफ ने लंदन में शनिवार देर रात हड़बड़ी में बुलाई प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि उन्हें सऊदी अरब की ओर से वार्ताकार लेबनान के दिवंगत प्रधानमंत्री रफीक हरीरी के बेटे साद हरीरी ने बताया था कि उन्हें पांच साल निर्वासन में रहना होगा, न कि दस साल जैसा सरकार बता रही है। हरीरी ने लंदन में मुलाकात के दौरान अफसोस जताया था कि वे मूल समझौते पर अमल नहीं करा सके। हाल ही में हरीरी ने बयान दिया था कि शरीफ वतन लौटकर समझौते का उल्लंघन कर रहे हैं।
सऊदी अरब शरीफ को फिर जेद्दा में रखने को तैयार : इस बीच सऊदी राजकुमार और खुफिया प्रमुख मुकरिन बिन अब्दुल अजीज ने हरीरी के साथ पाक राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ से इस्लामाबाद में ढाई घंटे की चर्चा की। अजीज से ‘द न्यूज’ ने शरीफ को फिर से सऊदी अरब निर्वासित करने के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि सऊदी अरब मुस्लिम दुनिया के सभी भाई बहनों के लिए खुला है।
शरीफ को चेतावनी : शनिवार को दोनों नेताओं ने शरीफ से समझौते का पालन करने को कहा था। अजीज ने शरीफ को सऊदी अनुरोध न मानने के परिणामों की चेतावनी दी थी। अजीज व हरीरी ने चीफ जस्टिस से मिलने की भी विफल कोशिश की। प्>
मुशर्रफ के विकल्प :
मुशर्रफ सरकार कई विकल्पों पर विचार कर रही है।
1. नवाज शरीफ को निर्वासित कर उनके भाई शाहबाज की गिरफ्तारी।आधार : मुशर्रफ ने शरीफ को आफर दिया था कि वे लौटना स्थगित कर दें तो सरकार शाहबाज को आने देगी।दिक्कत : राजनीतिक संकट।
2. नवाज व शाहबाज दोनों का निर्वासनआधार: सऊदी अरब की रजामंदी।दिक्कत : मुशर्रफ व सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग (क्यू)द्वारा घोषित राष्ट्रीय एकीकरण की भावना के खिलाफ।
3. दोनों भाइयों की गिरफ्तारी।आधार : भ्रष्टाचार के आरोप व 10 साल के निर्वासन के समझौते का उल्लंघन।दिक्कत : राजनीतिक संकट गहराने की आशंका से सरकार इससे बचना चाहती है।