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इटावा (उप्र). 15 साल पुराने एक फर्जी एनकाउंटर के मामले में एक कोर्ट ने यहां तीन सब इंस्पेक्टरों समेत 15 पुलिसकर्मियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
यह निर्णय सुनाते हुए विशेष जज आरपी शर्मा ने तीनों एसआई पर पांच-पांच हजार रुपए और अन्य सभी कांस्टेबलों पर एक-एक हजार रुपए का जुर्माना भी ठोका। इन सभी पुलिसकर्मियों को 28 जनवरी 1992 को दरकर गांव के निवासी राज नारायण उर्फ सुभा तिवारी के एनकाउंटर के मामले में दोषी पाए जाने पर कोर्ट ने यह सजा सुनाई। कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद इन पुलिसकर्मियों को हथकड़ियां पहनाकर जेल भेज दिया गया।
सरकारी वकील के वाद के मुताबिक पुलिस ने दावा किया था कि तिवारी एक डकैत था और उसे चंबल के बीहड़ों में एनकाउंटर कर मार डाला गया था। पुलिस ने यह भी कहा था कि उसके शव को नदी में ही बहा दिया गया था। लेकिन, बाद में राज्य पुलिस की सीबी-सीआईडी द्वारा की गई मामले की जांच में पता चला कि यह एनकाउंटर फर्जी था।