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डॉन ने मांगा प्रोडक्शन वारंट

भोपाल: माफिया डॉन अबू सलेम को उसके जिस पत्र के आधार पर भोपाल सीजेएम अदालत ने प्रोडक्शन वारंट जारी किया है वह पत्र यह दर्शाने के लिए पर्याप्त है कि किसी समय लोगों को अपने नाम से थर्रा देने वाला डॉन अब किस कदर असहाय हो चुका है। भास्कर के पास मौजूद इस पत्र की कापी बताती है कि मुंबई की आर्थर रोड जेल में बंद अबू अपने मामले की सुनवाई के लिए गिड़गिड़ा रहा है।

प्रार्थना की: अबू ने अदालत को आर्थर रोड जेल के अधीक्षक के जरिए यह पत्र लिखा है। इसमें अंकित है ‘सर, मैं पिछले डेढ़ साल से मुंबई जेल में बंद हूं। मेरी आपसे प्रार्थना है कि मुझे आपके समक्ष पेश करने के लिए अदालत से शीघ्र प्रोडक्शन वारंट जारी किया जाए। जिससे जल्द से जल्द फर्जी पासपोर्ट मामले में मेरे सुनवाई हो सके।’

मुंबई में सीरियल बम बलास्ट कराने सहित भोपाल में फर्जी पासपोर्ट बनवाने का आरोपी सलेम लिखता है ‘मुझे लिस्बन से प्रत्यर्पण कानून के तहत 11 नवंबर, 05 को भारत लाया गया था। इस प्रत्यर्पण की एक शर्त यह थी कि मेरे मामले की जल्द सुनवाई की जाएगी। सर, मैं पिछले लगभग डेढ़ साल से जेल में हूं लेकिन मुझे अब तक आपकी अदालत से मामले की सुनवाई के लिए प्रोडक्शन वारंट नहीं मिला है’।

न सुनने की आदत नहीं थी:
कहते हैं कि डॉन को न सुनने की आदत नहीं है, लेकिन अंडरवल्र्ड की दुनिया का बेताज बादशाह अबू सलेम अब पत्र में लिखता है कि वह सुनवाई के लिए बेसब्री से प्रोडेक्शन वारंट का इंतजार कर रहा है। वारंट न मिलने तथा प्रत्येक अदालती प्रक्रिया में विलंब होने पर मामले की जल्दी सुनवाई के लिए भारत सरकार द्वारा दी गई सहमति का उल्लंघन होगा। यह भारत सरकार की पुर्तगाल सरकार से वादाखिलाफी हो सकती है ।

एक फिल्म का संवाद है कि डॉन की तलाश 11 मुल्कों की पुलिस कर रहीं है। जबकि इस डॉन को इंतजार है प्रोडक्शन वारंट का। डॉन ने पत्र के आखिर में लिखा है ‘प्रोडेक्शन वारंट के इंतजार में- अबू सलेम अब्दुल कय्यूम अंसारी’ सरहद के पार बैठकर फैसले करने वाले डॉन ने मामले की जल्द सुनवाई के लिए पत्र की कापी डीआईजी सीबीआई ओपी छतवाल, प्रत्यर्पण प्रकरण के नोडल अधिकारी एवं विदेश मंत्रालय के सचिव को भी भेजी है।

संभव नहीं
इधर कानून के विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक मुंबई की टाडा कोर्ट में सलेम के खिलाफ बम ब्लास्ट की सुनवाई चल रही है तब तक उसे भोपाल लाया जाना असंभव है।





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