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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर: शांतिकुंज गृह निर्माण समिति का अनुबंध निरस्त करने के मामले में प्राधिकरण के पूर्व मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनिल खरे द्वारा पल्ला झाड़ लेने से प्राधिकरण की गोपनीयता पर ही सवालिया निशान लग गया है। श्री खरे ने अपने कार्यकाल में अनुबंध निरस्त करने जैसा कोई पत्र जारी करने से साफ इनकार किया है।
शांतिकुंज गृह निर्माण संिमति की 19.6 बीघा भूमि में से 11 बीघा भूमि का अनुबंध बगैर किसी पर्याप्त कारण के प्राधिकरण द्वारा 18 मार्च 05 को निरस्त कर देने से प्राधिकरण को लगभग पांच करोड़ रुपए का चूना लगा है।
इस मामले में गृह निर्माण समिति को सरेन्डर की गई भूमि न केवल वापस कर दी गई बल्कि प्राधिकरण द्वारा समिति को भूमि के बदले दिए गए प्लाट भी वापस नहीं लिए गए। अनुबंध निरस्त करने का पत्रतत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनिल खरे के कार्यकाल का है। इस मामले की परतें इस वर्ष मई में तब खुलीं जब प्राधिकरण ने अपनी खुर्दबुर्द हो चुकी जमीनों को तलाशना शुरू किया।
इस दौरान प्राधिकरण के हाथ यह मामला आया। नियम विरुद्ध तरीके से जारी किए गए इस अनुबंध निरस्ती की हकीकत जानने के लिए प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी किशोर कन्याल ने 3 मई को अनुबंध निरस्ती पत्र की प्रति श्री खरे को पुष्टि के लिए भेजी। जिस पर श्री खरे ने ध्यान नहीं दिया। इसके बाद पुन: रिमाइंडर भेजे गए और अंतिम रिमाइंडर 11 मई 07 को भेजा गया।
इसके बाद श्री खरे ने 4 अगस्त को प्राधिकरण को एक पत्र भेजा कि उक्त अनुबंध निरस्ती पत्र पर उनके हस्ताक्षर नहीं हैं। श्री खरे द्वारा इनकार कर देने के बाद अब यह मामला गंभीर हो गया है। प्राधिकरण ने इस मामले में जब जावक रजिस्टर को तलाशा तो और अधिक चौंकाने वाली बात सामने आई। रजिस्टर के पन्ने के अंत में उक्त निरस्ती पत्र की एंट्री है। और उस एंट्री की राइटिंग भी डाक जावक करने वाले बाबू की राइटिंग से मेल नहीं खा रही है।
इसके अलावा चौंकाने वाली बात यह भी है कि अनुबंध निरस्ती पत्र की एंट्री के नंबर को देखने से ऐसा लगता है कि उसे बीच में दुर्भावना पूर्ण तरीके से लिखा गया है। इस मामले में महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि गृह निर्माण समिति द्वारा जाली अनुबंध निरस्ती पत्र तैयार किया गया है तब दो साल तक यह मामला दबा कैसे रहा और प्राधिकरण के दस्तावेज में गड़बड़ी किसने की।
>> इस मामले में जांच की जा रही है, गृह निर्माण समिति के अध्यक्ष को भूमि पर निर्माण व अंतरण न करने का नोटिस दिया गया है, प्राधिकरण इस मामले में कानूनी कार्रवाई करेगा।
किशोर कन्याल सीईओ जीडीए