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बहरामपुर (प.बंगाल). मुर्शिदाबाद जिले के एक सरकारी अस्पताल में लाई गई सात वर्षीय बच्ची को दूसरे अस्पताल भेजने के लिए एंबुलेंस मुहैया कराने के मसले पर दो डॉक्टरों के बीच मतभेद होने और झगड़े के कारण बच्ची ने वहीं दम तोड़ दिया।
स्वास्थ्य विभाग के सीएमओ एमजी मंडल ने बताया कि सात वर्षीय झुनु बायन को पेट दर्द, बुखार और सांस की तकलीफ के कारण गोकर्ण ब्लॉक अस्पताल में कल सुबह 4 बजे लाया गया था। ऑन डच्यूटी डॉक्टर बिस्वजीत रॉय ने कहा कि बेहतर इलाज के लिए बच्ची को बहरामपुर सदर अस्पताल भिजवाना चाहिए। इस पर बच्ची के अभिभावकों ने गरीबी के कारण वहां तक जाने में असमर्थता जताई।
मंडल ने बताया कि रॉय ने उन्हें कहा कि बीएमओ सुखेंदु बिस्वास की अनुशंसा पर उन्हें एंबुलेंस मुहैया कराई जा सकती है। इसके बाद बिस्वास के पास लिखित अनुशंसा लाने के लिए एक स्वास्थ्यकर्मी को उनके क्वार्टर पर भेजा गया। कर्मचारी को देखकर बिस्वास भड़के और सीधे अस्पताल पहुंच गए और सुबह इतनी जल्दी नींद से उठाने के लिए रॉय पर बरस पड़े।
बात बढ़ जाने पर दोनों डॉक्टरों के बीच हाथापाई तक हुई और इस बीच सुबह 6 बजे झुनु ने दम तोड़ दिया। दोनों डॉक्टरों को बाद में अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह खबर फैलते ही लोगों ने गुस्सा जाहिर करते हुए हाईवे जाम किया और बिस्वास को सजा देने की मांग की। मंडल ने कहा कि बिस्वास पर जांच बिठा दी गई है और उन्हें फिलहाल डच्यूटी से हटा दिया गया है।