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गुर्जरों के लिए चिट्ठी पर रोक

जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने गुर्जरों को एसटी में आरक्षण देने के लिए राज्य से केंद्र को सिफारिश की चिट्ठी भेजने पर सोमवार को अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार किसी भी तरह के दबाव में आकर यह कदम न उठाए। कोर्ट ने धौलपुर में महापंचायत को लेकर कहा कि इसके लिए कलेक्टर की इजाजत लेनी होगी और कलेक्टर को भी इजाजत देते समय देखना होगा कि कानून-व्यवस्था नहीं बिगड़े।

न्यायाधीश प्रेमशंकर आसोपा ने यह आदेश मीणा समाज के नेता श्रीनारायण कैमला व लाखनसिंह की याचिका पर दिया। याची के वकील ए.के. गुप्ता और सुरेश पारीक ने अदालत से अनुरोध किया था कि सिफारिश की चिट्ठी भेजने व धौलपुर में महापंचायत पर रोक लगाई जाए तथा चोपड़ा कमेटी का कार्यकाल नहीं बढ़ाने का आदेश दिया जाए।

इस पर अदालत ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया था। राज्य सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता भरत व्यास ने कहा कि चोपड़ा कमेटी का समय बढ़ाने के लिए सरकार ने गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैसला को चिट्ठी लिखी है। उनका जवाब आना बाकी है। अभी तक कमेटी की कोई अंतरिम सिफारिश नहीं मिली है।

न्यायाधीश आसोपा ने धौलपुर में महापंचायत के लिए जिला कलेक्टर से अनुमति लिए जाने के बारे में भी पूछा। इस पर व्यास ने कहा कि अभी तक कोई आवेदन नहीं आया है।

क्या है अदालत का आदेश :
न्यायालय ने गुर्जर आरक्षण आंदोलन के संयोजक किरोड़ी सिंह बैसला और प्रवक्ता डॉ. रूप सिंह को पक्षकार बनाने की अर्जी मंजूर कर ली। उन्हें महापंचायत के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। अदालत ने आरक्षण को लेकर होने वाली महापंचायतों के लिए संबंधित जिला कलेक्टर से अनुमति लेना जरूरी बताया।

साथ ही कहा कि इस संबंध में जिला कलेक्टरों को भी सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल ही दिए दिशा-निर्देशों की पालना करनी चाहिए। अदालत ने यह भी कहा कि चोपड़ा कमेटी का कार्यकाल दो दिन बाद ही समाप्त होगा, इसलिए वे अभी स्थगन आदेश नहीं दे सकते। सरकार अगर समय बढ़ाती है तो याचिकाकर्ता अदालत में स्थगन आवेदन लगा सकता है।

घर-घर चावल बांटकर महापंचायत का न्यौता
जयपुर सहित प्रदेश के विभिन्न भागों में गुर्जर धौलपुर में 13 सितंबर को होने वाली महापंचायत की तैयारियों में जुट गए हैं। घर-घर चावल बांटकर महापंचायत के लिए न्यौता दिया जा रहा है। आंदोलन की रणनीति तैयार करने के लिए कोर ग्रुप की बैठक 12 सितंबर की रात धौलपुर में होगी, इसमें महापंचायत में होने वाली घोषणा का मसौदा तैयार होगा।

सरकार की ओर से आई चिट्ठी के संबंध में गुर्जर संघर्ष समिति सोमवार को कानूनी परामर्श में लगी रही। कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला सहित कई गुर्जर नेता गुप्त स्थान पर आगे की रणनीति तैयार करते रहे। संघर्ष समिति की ओर से छपवाए गए एक लाख पोस्टर गांवों और ढाणियों में भेज दिए गए हैं।

हाईकोर्ट पर नजर रही-
गुर्जर नेताओं की नजर दिनभर हाईकोर्ट पर लगी रही। गुर्जर नेताओं ने आपसी मंत्रणा में तय किया कि न तो आंदोलन रोकेंगे न न ही चोपड़ा कमेटी का समय बढ़ाने की हामी भरेंगे।

तीन जन्म में भी काम नहीं होगा पूरा-भड़ाना
गुर्जर विधायक अतरसिंह भड़ाना ने कहा है कि राज्य सरकार गुर्जरों को आरक्षण देने के मामले पर गंभीर नहीं है। वह चाहती तो तीन महीने में रिपोर्ट तैयार हो जाती। सरकार की मंशा तो तीन जन्म में भी गुर्जरों को आरक्षण देने की नहीं है। विधायक प्रहलाद गुंजल ने कहा है कि चिट्ठी भेजकर सरकार कर्नल बैसला को अपने समाज में ही छोटा दिखाना चाह रही है।

धौलपुर में धारा १४४ लागू, सीआरपीएफ की बटालियन पहुंची
धौलपुर में १३ सितंबर को होने वाली गुर्जर महापंचायत के मद्देनजर 11 सितंबर से 15 सितंबर तक जिले में धारा १४४ लगा दी गई है। सोमवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिरीक्षक डा. सुधाकर जौहरी तथा आरएसी के उप महानिरीक्षक प्रेमसिंह चूड़ावत ने महापंचायत स्थल तक आने-जाने वाले मार्गो का अवलोकन किया।

सीआरपीएफ तथा आरएएफ की कंपनियां धौलपुर पहुंच गई है। इसके साथ ही एसटीएफ की टुकड़ियां भी पहुंची है। इसमें से अधिकांश टुकड़ियों को सुरक्षित रखा गया है जबकि आरएसी, पुलिस, होमगार्ड आदि को क्षेत्र में तैनात कर दिया गया है।

समय बढ़ाने की वकालत की पूर्व गुर्जर विधायक ने-
पूर्व विधायक एवं राजस्थान वीर गुर्जर महासभा के अध्यक्ष भैरोंसिंह गुर्जर ने चोपड़ा कमेटी की सीमा बढ़ाने की वकालत की है। उन्होंने कहा कि समिति के जल्दबाजी में रिपोर्ट तैयार करने पर गुर्जरों का अहित होने की आशंका बनी रहेगी।

अब सामूहिक फैसले होंगे
जिलापरिषद में सोमवार को पत्रकार वार्ता में गुर्जर नेता एवं जिला प्रमुख रामगोपाल गार्ड ने कहा कि गुर्जर आंदोलन से जुड़ा हर फैसला अब कमेटी सामूहिक रूप से लेगी। किसी भी मसले पर चर्चा के लिए सभी सदस्यों से राय-मशविरा होगा।

सीएम ने रात को बुलाई बैठक
गुर्जर आंदोलन को लेकर भाजपा के सत्ता और संगठन से जुड़े नेताओं की नींद उड़ी हुई है। इस मसले पर सोमवार रात मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के आवास पर प्रमुख नेताओं की बैठक हुई। इसमें मुख्यमंत्री विरोधी धड़े के नेता नदारद रहे। बैठक में भाटी के बाद पार्टी में अन्य नेताओं को शामिल किए जाने पर भी विचार किया गया।

बैसला ने की भाजपा नेताओं से मुलाकात :
कर्नल बैंसला सहित कई गुर्जर नेताओं ने सोमवार को रामदास अग्रवाल, गुलाबचंद कटारिया और भाजपा महामंत्री रामपाल जाट से मिलकर राज्य सरकार की ओर से भेजी गई चिट्ठी पर विचार किया।

अब आगे क्या?
>> कोर्ट के आदेश के बाद सरकार को भारी राहत मिली है क्योंकि इस मुद्दे को लेकर उसकी नींद उड़ी हुई थी।
>> सरकार अब गुर्जर महापंचायत से पहले केन्द्र को कोई सिफारिश नहीं भेजेगी।

गुर्जर क्या करेंगे
>> चोपड़ा समिति का कार्यकाल बढ़ाने पर सहमति न देते हुए धौलपुर महापंचायत में ही आगामी रणनीति की घोषणा करेंगे।
>> कोर्ट में पार्टी बनकर कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।
>> चोपड़ा समिति का कार्यकाल बढ़ाने पर सहमति देंगे।

सरकार ने समझौता नहीं निभाया
कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला ने कहा है कि सरकार पर हम कोई दबाव नहीं बना रहे हैं। बात सरकार से हुए समझौते की है। हमें सरकार पर पूरा भरोसा है। अगर सरकार इसे तोड़ती है तो गलती भी उसी की मानी जाएगी। गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के प्रवक्ता रूपसिंह ने कहा कि यह सरकार समझौते में खरी नहीं उतरी है। हम अपनी रणनीति का खुलासा धौलपुर महापंचायत में करेंगे।

>> हाईकोर्ट का ऑर्डर मैंने अभी पढ़ा नहीं है। कल हिंडोन जा रहा हूं। अपनी पंचायत के लोगों से बात करूंगा। धौलपुर महापंचायत में ही रणनीति घोषित करेंगे। सरकार से मिली चिट्ठी का अंतरिम जवाब एक-दो दिन में भिजवा देंगे। चोपड़ा कमेटी का कार्यकाल बढ़ाना चाहिए अथवा नहीं। बढ़ाया जाए तो क्या फायदे हैं, इसे लेकर महापंचायत में बात होगी। सरकार ने गोलीकांड की जांच नहीं कराई है, यह सरकार की विफलता रही है। जहां तक मृतक आश्रितों को नौकरी देने की बात है, उसमें कुछ हद तक हमारी भी ढिलाई रही है कि हम सरकार को सूची नहीं दे पाए।
कर्नल किरोड़ीसिंह बैसला, गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति

‘दबाव नहीं, डेडलाइन वही’
>> हम सरकार को किसी फैसले के लिए बाध्य नहीं कर रहे हैं। वाजिब मांग के लिए लड़ रहे हैं। आरक्षण हमारा मौलिक अधिकार है, इसे लेकर रहेंगे। डेड लाइन 12 सितंबर ही रहेगी। मैं न्यायालय के फैसले पर टिप्पणी नहीं कर सकता।
प्रहलाद गुंजल





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