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रेप के आरोपी इंस्पेक्टर को डीएसपी पद पर प्रमोट करने के मामले में हरियाणा के पूर्व डीजीपी महेंद्र सिंह मलिक को हाईकोर्ट ने तलब किया है। यह इंस्पेक्टर रेप के मामले में भगोड़ा था। मलिक ने प्रमोट करते समय उसके खिलाफ अफसरों की नेगेटिव रिपोर्ट को नजर अंदाज किया। यह खुलासा सोमवार को अंबाला के तत्कालीन एसपी संदीप खीरवार की ओर से पेश रिकॉर्ड से हुआ।
चीफ जस्टिस विजेंद्र जैन और जस्टिस महेश ग्रोवर की बेंच ने मलिक को इस मामले में पार्टी बनाते हुए नोटिस जारी कर उन्हें 17 अक्टूबर को हाईकोर्ट में पेश होकर जवाब देने को कहा है। बेंच ने कहा, मलिक ने आरोपी को न केवल प्रमोट किया बल्कि विजिलेंस जैसे अहम विभाग में नियुक्ति दे दी। खंडपीठ ने यह आदेश अंबाला के सुरेंद्र जुनेजा की जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद दिया।
रेप विक्टिम के बयान दर्ज किए : इससे पहले रेप विक्टिम ने मां के साथ हाईकोर्ट आकर बयान दर्ज कराए। एसपी ने मामले से जुड़े पूरे रिकॉर्ड को भी बेंच को सौंप दिया।
क्या था मामला अंबाला में तैनात तत्कालीन इंस्पेक्टर फूल सिंह और अन्य पर अंबाला की पड़ाव निवासी रामदुलारी ने अपनी 15 वर्षीय बेटी के साथ गैंग रेप का आरोप लगाया था। वह उस समय आठवीं में पढ़ती थी। इस मामले में पड़ाव पुलिस चौकी में 17 जून 2001 को एफआईआर दर्ज हुई थी। इस पर फूल सिंह सस्पेंड हुआ। कुछ आरोपियों को तो कोर्ट मे पेश कर दिया गया लेकिन फूल सिंह नहीं पेश हुआ। इस पर 15 अक्टूबर 2001 को फूल सिंह को कोर्ट ने भगोड़ा घोषित कर दिया।