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प्रदर्शन, हंगामा और नारबाजी

अमृतसर : नार्दर्न रेलवे मैन्स यूनियन (एनआरएमयू) की ओर से सहायक डिवीजनल सचिव सतनाम सिंह की अगवाई में वाशिंग लाइन के नजदीक रैली की गई। यूनियन के कन्वीनर रघुबीर सिंह ने कहा कि रेल प्रशासन कर्मियों के हितों को लगातार नजरअंदाज करता आ रहा है। अफसरशाही को अपना नजरिया बदलना होगा।

जंक्शन शाखा के सचिव विवेक महाजन ने मजदूर विरोधी नीतियों की निंदा करते हुए कहा कि आए दिन नई ट्रेनों को चलाया जा रहा है, लेकिन उनकी मेनटेनेंस के लिए स्टाफ की भर्ती नहीं की जा रही। उन्होंने दावा किया कि यूनियन की 15 सितंबर को पार्सल प्लेटफार्म पर होने वाली रैली रेल प्रशासन को हिला कर रख देगी। इस रैली को यूनियन के डिवीजनल प्रधान मोहिंदर सिंह तथा सचिव दलजीत सिंह संबोधित करेंगे।

उन्होंने कहा कि 19 सिंतबर को हो रही शहीदी कांफ्रेंस में भाग लेने के लिए सैकड़ों सदस्य विशेष ट्रेन से पठानकोट रवाना होंगे। रैली को जसमंगल सिंह, सतनाम सिंह, विजय नंदा, मंजीत सिंह, जयचंद, राजेश छेहर्टा, कुलभूषण शर्मा, सुरिंदर भट्टी, भूपिंदर सिंह, बलबीर सिंह ने भी संबोधित किया।

किसानों ने घेरा डीएफसी आफिस किसान संघर्ष कमेटी के तत्वाधान में किसानों ने आढ़तियों द्वारा की गई ठगी और अन्य मांगों को लेकर डिस्ट्रिक फूड एंड सिविल सप्लाई आफिस के बाहर पांच घंटे जाम लगाया और नारेबाजी की।

कमेटी के कन्वीनर सतनाम सिंह पन्नू के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में किसानों ने पिछले साल के धान का आढ़तियों पर बकाया चालीस रुपए बोनस, गांवों में मिट्टी के तेल की हो रही कालाबाजारी और गेहूं के दामों की वृद्धि को मुद्दा बनाया।

सतनाम सिंह ने कहा कि पिछले सीजन में सरकार ने धान पर चालीस रुपए प्रति क्विंटल बोनस दिया था। सरकार ने तो बोनस दे दिया लेकिन आढ़तियों ने आज तक उसे अदा नहीं किया। किसानों पर उन की तरफ इस वक्त करोड़ों रुपए बोनस के रूप में बकाया है। हालांकि इस बाबत उन लोगों ने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से भी बात की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।

किसान नेता हरजीत सिंह झीतेकलां, गुरला ल सिंह और भुपिंदर सिंह ने कहा कि गांवों में खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से मिट्टी का तेल 9.20 रुपए के बजाय 12 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। इसी तरह से डीपू वाले चार रुपए किलो का गेहूं सात रुपए किलो में बेच रहे हैं।

भगत लाल, सुखचैन सिंह, कश्मीर सिंह चब्बा, बाबा वीरा सिंह, जसवीर सिंह आदि ने आरोप लगाया है कि किसानों के साथ हो रही यह ठगी विभाग की मिलीभगत से हो रही है। इसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।





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