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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर:
राजमार्ग पर शराब दुकान व ट्रैफिक व्यवस्था की दुर्दशा पर हाईकोर्ट नेआबकारी, आरटीओ एवं एसपी को 24 सितंबर को तलब किया है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस जगदीश भल्ला एवं जस्टिस दिलीप देशमुख की युगलपीठ ने रायपुर से बिलासपुर शहर के अंदर से होते हुए गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच)-200 को दुरुस्त करने के लिए शासन को 7 दिन का समय दिया है।
निर्माणाधीन हाईकोर्ट बिल्डिंग, बोदरी से लाल खदान तक सड़क अनेक जगह गड्ढों में तब्दील हो गई है, जिससे जनसामान्य की परेशानियां बढ़ गई हैं। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की स्थापना के दिनों में एक नागरिक ने पोस्टकार्ड लिखकर शहर में नागरिक सहूलियतों की दुर्दशा पर चीफ जस्टिस का ध्यान आकृष्ट किया था। तत्कालीन चीफ जस्टिस डब्ल्यूए शीशाक ने इसे जनहित याचिका के रूप में स्वीकार करते हुए सुधार के लिए सतत रूप से आदेश दिए।
सोमवार को हाईकोर्ट में जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान न्याय मित्र प्रितींकर दिवाकर ने टैगोर चौराहे से बस स्टेंड होते हुए जाने वाली सड़क पर जगह-जगह अवैध रूप से बसों की पार्किग तथा ट्रैफिक व्यवस्था की दुर्दशा पर जमकर बहस की।
महाधिवक्ता प्रशांत मिश्रा ने जिला एवं पुलिस प्रशासन की ओर से हाईकोर्ट को आश्वस्त किया कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था शीघ्र ही दुरुस्त की जाएगी। राजमार्ग की दुर्दशा के मामले में लंबी बहस में हाईकोर्ट को बताया गया कि हाइवे के किनारे शराब की दुकानें खुलने के कारण ट्रैफिक की परेशानियां बढ़ी हैं। हाईकोर्ट ने इस सिलसिले में आबकारी, आरटीओ एवं एसपी को 24 सितंबर को हाईकोर्ट तलब किया है।
मामा-भांजा तालाब की गंदगी एवं शहर की बंद पड़ी अंडर ग्राउंड ड्रेनेज योजना के मुद्दे पर हाईकोर्ट ने नगर पालिक निगम के आयुक्त एमए हनीफी को मंगलवार को हाईकोर्ट तलब किया है। मामा-भांजा तालाब के मसले पर तालाब की स्वत्वाधिकारी गोदावरी शेष ने सुझाव दिया कि उसे पाट दिया जाए।