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आउटर में जोड़ों को थप्पड़

रायपुर: outer राजधानी से 9 किलोमीटर दूर ग्राम अटारी में गैंग रेप के बाद माना, मंदिरहसौद, आमानाका, डीडीनगर, खमतराई-उरला, पुरानी बस्ती और टिकरापारा पुलिस ने आउटर में गश्त बढ़ा दी है। अफसरों के दावे पर यकीन किया जाए, तो सभी इलाकों में रोजाना दर्जनभर से ज्यादा जोड़ों को गश्तीदल रोक रहे हैं। कुछ को थप्पड़ मारकर तो कुछ को समझाइश देकर रवाना किया जा रहा है।

अफसरों ने स्वीकार किया कि तगड़ी गश्त के बावजूद आउटर में ऐसी घटनाओं का अंदेशा कायम है। क्योंकि कुछ गांवों में असामाजिक किस्म के युवकों ने लूट-खसोट को धंधा बना लिया है। इसलिए वहां चौकियां खोलने की तैयारी है। चौकियां कहां खुलेंगी, इसका सर्वे कर लिया गया।

अफसरों ने बताया कि इस मामले में नंदनवन के अलावा माना एयरपोर्ट और ऊर्जा पार्क के आसपास का बड़ा इलाका काफी संवेदनशील है। अटारी में वारदात के बाद वहां जाने वाले जोड़ों की संख्या नहीं के बराबर है।

ज्यादातर ऊर्जा पार्क से तूता-माना के खाली और सूने मैदानों की तरफ नजर आने लगे हैं। वहां काफी हरियाली भी है। पुलिस के मुताबिक पिछले 10-15 दिन में गश्ती दल आउटर में जोड़ों की बढ़ती संख्या से हैरान हैं। सुबह 10 बजे से अंधेरा होने तक बड़ी संख्या में जोड़ों को आते-जाते देखा जाने लगा है। पुलिस इन्हें समझा-समझाकर परेशान है।

पुलिस ने सर्वे में जिन इलाकों की पहचान की है, उनमें टिकरापारा थाना इलाके के छोर पर स्थित मुजगहन और बोरियाखुर्द के आउटर में भी जोड़े देखे जा रहे हैं। ग्रामीणों ने इसकी पुष्टि की है। वाटरवल्र्ड के आसपास भी ऐसे नजारे आम हैं।

इधर, तेलीबांधा और मंदिरहसौद थाने की सीमा पर भी खाली और सूने मैदान हैं। वह भी ऐसे जोड़ों की पनाहगाह बन गए हैं। अफसरों ने स्वीकार किया कि अटारी कांड के बाद आउटर में गश्त बढ़ी, तब पता चला कि शहर के आउटर में डेढ़ दर्जन से ज्यादा ऐसी जगहें हैं, जहां बड़ी संख्या में प्रेमी युगल पहुंच रहे हैं और कभी भी अप्रिय वारदात हो सकती है।

ऊंची पहुंच की धौंस
पुलिस के जानकारों ने बताया कि रोजाना पकड़े जाने वाले जोड़ों को मौके पर ही खतरे का आभास कराकर भगा दिया जाता है। फिर भी, कुछ जोड़ें पुलिस से उलझने लगते हैं। कई मामले ऐसे हुए हैं, जब पुलिस ने जोड़ों को समझाया तो रसूखदार युवकों ने मौके से ही आला अफसरों को फोन कर दिया। कुछ र्दुव्‍यवहार की शिकायत करते हैं तो कुछ वसूली की।

छेड़छाड़ की घटनाएं आम
आउटर में सर्वे के दौरान कई जोड़ों ने स्वीकार किया कि वे एक या ज्यादा बार आवारा किस्म के युवकों के हाथों छेड़छाड़ के शिकार हुए हैं।
ऊर्जा पार्क के पास पकड़े गए एक जोड़े ने बताया कि बोरियाखुर्द में उनसे छेड़छाड़ और लूटपाट की कोशिश हुई थी, इसलिए उधर जाना छोड़ दिया।
हालांकि कुछ जोड़े पुलिस से ये भी कहने लगे हैं कि आखिर वे जाएं तो जाएं कहां।

>> नई चौकियां खोलने का प्रपोजल तैयार है। इसके लिए शासन की अनुमति जरूरी है। इसलिए शासन को भेजे जाने वाले प्रस्ताव में चौकियां खोलने के ठोस कारणों का जिक्र रहेगा। आउटर के संवेदनशील इलाकों में गश्त के बजाय चौकियां खोलना बेहतर विकल्प है।
वायकेएस ठाकुर आईजी, रायपुर





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