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रविवार को ऑस्ट्रेलिया के लिए खिलाफ आईसीसी वर्ल्ड ट्रवेंटी20 के वार्मअप गेम में हमारी जीत से यह स्पष्ट हो गया है कि ट्वेंटी20 गेम में क्या उम्मीदें रखनी चाहिए। इस मैच में मैंने 61 गेंदों पर 89 रन बटोरे थे। डरबन और वैंडर्स की पिच बल्लेबाजों के अनुकूल है और यहां बल्लेबाज मैच पर हावी रहेंगे। दूसरी ओर केप टाउन और जोहान्सबर्ग में गेंदबाजों को थोडी मदद मिल सकती है क्योंकि इन इलाकों में सर्दी में अच्छी बारिश हुई थी जिसका असर विकेट पर दिखलाई पडेगा।
ट्वेंटी -२क् गेम में बल्लेबाजों पर अच्छे प्रदर्शन का दवाब बना रहता है और गेंदबाजों को परेशानी उठानी पड़ती है। गेम के इस शॉर्ट वर्शन में द. अफ्रीका थोड़े फायदे में है क्योंकि हमने अधिकांश टीमों के मुकाबले अधिक संख्या में ट्वेंटी20 गेम खेले हैं। मुझे लगता है कि यह वर्ल्ड कप एक ट्रायल रन है जो १९७क् के पहले ओडीआई वर्ल्ड कप के समान है। २क्-२क् वर्ल्ड कप में बरमूडा, कनाडा और यूएसए जैसे देशों से दर्शक आएंगे और जब वे छोटे गेम में रुचि लेना शुरु कर देंगे तो क्रमश: लंबे गेम की तरफ भी उनका रुझान होगा। ट्वेंटी20 गेम में खिलाड़ी दवाब में भी शांत रह कर खेलना सीखता है और अपनी योग्यता का भरपूर उपयोग करता है। (गेम प्लान)
ट्वेंटी20 गेम युवा खिलाड़ियों के लिए ज्यादा अनुकूल होते है क्योंकि इनमें रन तेजी से बनते है और विकेट भी तेजी से गिरते है। कुल मिलाकर यह छोटे गेम काफी रोमांचक होते हैं व इनमें लगातार दर्शकों की रुचि बनी रहती है।