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चंडीगढ़ हरियाणा के सबसे पिछड़े मेवात क्षेत्र को पीने का साफ पानी उपलब्ध कराने के लिए पहाड़ काट कर 30 किलोमीटर लंबी टनल बनाई जाएगी। नेशनल हाइड्रो पॉवर कॉरपोरेशन को इसकी संभावना तलाशने के लिए कहा गया है।
प्रोजेक्ट केन्द्रीय जल आयोग को हुड्डा सरकार ने मेवात नहर का यह प्रोजेक्ट मंजूरी के लिए केंद्रीय जल आयोग को भेजा है। सिंचाई विभाग के इंजीनियर इन चीफ जेएस अहलावत का कहना है, ‘आयोग की मंजूरी मिलते ही इस प्रोजेक्ट पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा।’
तीन जिलों को साफ पानी पहाड़ काटने से मेवात, गुड़गांव व फरीदाबाद जिलों के लोगों को सिंचाई और पीने के लिए साफ पानी मिल सकेगा और दिल्ली से ओखला के जरिए गुड़गांव कैनाल में लगातार डाले जा रहे गंदे पानी से निजात मिल जाएगी।
जेएलएन फीडर से जुड़ेगी मेवात नहर मेवात नहर साल्हावास के पास जवाहरलाल नेहरू (जेएलएन) फीडर से जोड़ी जाएगी और नूंह सब ब्रांच से होते हुए गुड़गांव कैनाल में मिल जाएगी।
पहले लिफ्ट के जरिये लाना था पानी मेवात नहर के लिए तैयार किए प्रोजेक्ट के मुताबिक पानी को ऊपर चढ़ाने के लिए अरावली पहाड़ पर 70 मीटर की लिफ्ट लगाई जानी थी और दूसरी तरफ 70 मीटर का फाल बनाया जाना था, लेकिन अब टनल के जरिए पानी पहुंचाने की योजना है।
लागत बढ़ कर 500 करोड़ पहाड़ काट कर पानी पहुंचाने की योजना की लागत 326 करोड़ रुपए से बढ़ कर 500 करोड़ रुपए से ज्यादा हो जाएगी।
300 क्यूसिक मिलेगा पीने का पानी बारिश के दौरान इस नहर से शुरू में 728 क्यूसिक बाढ़ का पानी इस्तेमाल किया जा सकेगा। भाखड़ा मेन लाइन-हांसी ब्रांच-बुटाना ब्रांच-मल्टी परपज लिंक कैनाल के पूरा होने पर मेवात नहर से साल भर करीब 200 से 300 क्यूसिक पीने के पानी की आपूर्ति की जा सकेगी।