Breaking News 
bhaskar Web English


HomeNewsMetrosBhopal Bhopal

योगीराज और चौहान निलंबित

भोपाल:yogi राज्य सरकार ने स्वास्थ्य संचालक डॉ. योगीराज शर्मा को उनके यहां आयकर छापे के तीन दिन बाद सोमवार को निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय भोपाल रहेगा। इधर छापे के बाद डॉ. शर्मा और उनके साथियों ने आयकर विभाग के समक्ष 10 करोड़ रुपए की आय छिपाना कबूल कर लिया।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार सुबह ही प्रशासन अकादमी में पत्रकारों से अनौपचारिक चर्चा के दौरान कहा था कि आयकर विभाग से इस मामले में जानकारी मांगी है, शाम तक कार्रवाई कर दी जाएगी। स्वास्थ्य महकमा दिनभर मुख्य आयकर आयुक्त एवं महानिदेशक एमके मोघे की पत्रकारवार्ता पर नजर रखे रहा। श्री मोघे ने दोपहर साढ़े तीन बजे डॉ. शर्मा के यहां मारे गए आयकर विभाग के छापे की जानकारी दी।

उसके बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हुआ। इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के बीच दो बार चर्चा हुई। उसके बाद सीएम के निर्देश पर मुख्य सचिव राकेश साहनी ने स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव एमएम उपाध्याय और सचिव अलका उपाध्याय को बुलाया व इस संबंध में आयकर आयुक्त को लिखे पत्र की जानकारी ली।

इधर आयकर आयुक्त की पत्रकारवार्ता के बाद सोमवार की शाम पांच बजे प्रमुख सचिव एवं सचिव दोबारा सीएस से मिले। इसके बाद शाम साढ़े छह बजे डॉ. शर्मा को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए। मंत्रालय में पहली दफा उपसचिव बनकर आए स्वास्थ्य विभाग के उपसचिव सीबी सिंह को तीन लाइन का आदेश बनाने में पसीना आ गया। बाद में उन्होंने सामान्य प्रशासन विभाग के कर्मचारियों से परामर्श कर आदेश का मजमून तैयार कराया।

बताया जाता है डॉ. शर्मा ने निलंबन की भनक लगते ही रविवार को ही मप्र उच्च न्यायालय के एक वकील से परामर्श किया। इस दौरान एक आईएएस अधिकारी भी उनके साथ थे। समझा जाता है कि निलंबन आदेश की प्रति लेकर वे सीधे जबलपुर अपने वकील को भिजवाएंगे, ताकि आगे कानूनी लड़ाई लड़ सकें।

दस करोड़ कबूले
आयकर विभाग की ओर से सोमवार को बताया गया कि डॉ. योगीराज शर्मा व उनके साथियों ने दस करोड़ से अधिक की आय छिपाना स्वीकार किया है। फिलहाल उनकी संपत्ति का मूल्यांकन होना है। यह जांच पूरी होने में दो महीने का वक्त लग सकता है।

मुख्य आयकर आयुक्त और महानिदेशक एमके मोघे ने सोमवार को एक पत्रकारवार्ता में बताया कि स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव का पत्र उन्हें मिल गया है, वे डॉ. शर्मा के यहां की गई कार्रवाई की जानकारी जल्दी ही प्रदेश सरकार को सौंप देंगे।

श्री मोघे ने बताया कि छापे के दौरान डॉ. शर्मा के घर से एक करोड़ 13 लाख, जयपाल सचदेव के घर से 10 लाख, अशोक नंदा के निवास से 2.5 लाख और बसंत शेल्के के निवास से 60 हजार रुपए जब्त किए गए। इस कार्रवाई में कुल मिलाकर एक करोड़ 30 लाख रुपए नकद जब्त हुए।

इसके अलावा डॉ. शर्मा के निवास से साढ़े चार लाख रुपए की विदेशी मुद्रा भी बरामद हुई है। अशोक नंदा और जयपाल सचदेव के निवास से नेताम इंडस्ट्रीज, आइडियल इक्विपमेंट और मेटोक्स फार्मास्युटिकल के दस्तावेज मिले हैं। यह तीनों कंपनियां स्वास्थ्य विभाग को दवाएं और उपकरण प्रदाय करती हैं, लेकिन इनका आयकर रिटर्न कभी भी जमा नहीं हुआ।

श्री मोघे ने पत्रकारवार्ता की शुरुआत में ही स्पष्ट कर दिया कि उन्हें इस कार्रवाई की जानकारी के लिए न तो दिल्ली बुलाया गया था, न वे दिल्ली गए। श्री मोघे ने बताया कि कार्रवाई के दौरान जब्त दस्तावेजों का अभी परीक्षण होना है। कार्रवाई में 12 लॉकर के दस्तावेज मिले हैं, लेकिन इनमें से एक भी डॉ. शर्मा के नाम से नहीं हैं।

डॉ. शर्मा की अब तक मिली संपत्ति
शक्ति नगर का मकान : डॉ. शर्मा की मां रामदुलारी शर्मा के नाम
2.18 हेक्टेयर जमीन : मक्सी (गौरव शर्मा, डॉ. शर्मा का पुत्र)
2 एकड ़: नयापुरा (गणोशराम माली)
3.26 एकड़: भरतपुर, राजस्थान (विक्रम)
0.5 एकड़: मिसरोद (बाबूलाल पाटीदार)
5 एकड़: मक्सी (गौरव शर्मा)
.405 हेक्टेयर: सरना नरसिंहगढ़ (शशि शर्मा)
1.09 हेक्टेयर : सरना नरसिंहगढ़ (शशि शर्मा)
1.65 हेक्टेयर : सरना नरसिंहगढ़ (शशि शर्मा)
10,700 वर्ग फीट : रातीबड़ (गौरव शर्मा)

मौजूदगी में निलंबन
डॉ. शर्मा का निलंबन आदेश बनने के दौरान वे पूरे समय स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव एमएम उपाध्याय के कमरे में मौजूद रहे। हालत यह हुई कि श्री उपाध्याय ने सामान्य प्रशासन विभाग की सचिव वीरा राणा के कक्ष में बैठकर अपना कामकाज निबटाया।

नहीं खुल पाए लॉकर
डॉ. योगीराज शर्मा से जुड़े लोगों के नाम मिले एक दर्जन से अधिक लॉकर सोमवार को नहीं खुल सके। सूत्रों के अनुसार आयकर विभाग के अधिकारी विभिन्न बैंक शाखाओं में पहुंचे और लाकर सील करने की कार्रवाई की गई। शनिवार को यह कार्रवाई पूरी नहीं हो पाई थी। आयकर विभाग डॉ. शर्मा के निवास से मिली कुछ पर्चियों की जांच कर रहा है।

विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि छापे की कार्रवाई के दौरान कोई डायरी जब्त नहीं हुई, लेकिन कुछ पर्चियां मिली हैं। अलग- अलग तारीख की इन पर्चियों में कुछ लोगों को भुगतान किए जाने का जिक्र है, लेकिन यह जानकारी संकेतों में हैं। विभाग उन संकेतों को समझने की कोशिश कर रहा है।

भोपाल ननि के अपर आयुक्त निलंबित
नगर निगम के अपर आयुक्त केके सिंह चौहान को सोमवार को निलंबित कर दिया गया। श्री चौहान के ठिकानों पर कुछ महीने पहले आयकर विभाग ने छापा मारा था। उसमें नकद राशि के साथ जमीनों के दस्तावेज भी जब्त किए गए थे।

राज्य शासन ने ननि आयुक्त निकुंज कुमार श्रीवास्तव को पत्र लिखकर श्री चौहान के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।श्री श्रीवास्तव ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए। श्री चौहान को एमआईसी के अनुमोदन की प्रत्याशा में निलंबित किया गया है। नगर निगम में प्रथम श्रेणी अधिकारी के निलंबन के लिए एमआईसी की मंजूरी जरूरी है।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: