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हालीवुड-बालीवुड स्टार्स इन वीडियो गेम्स

अमृतसरanimation in  hollywood and bollywood एक जमाना वो था, जब गेम्स खेलने के लिए वीडियो गेम पार्लर जाना पड़ता था। और अब बस एक क्लिक करने की जरूरत है। मोबाइल एंड कम्यूनिकेशन मार्केट में अब काफी कुछ नया देखने को मिल रहा है। वायरलैस गेमिंग मार्केट में कई संभावनाएं सामने आई हैं। पहले जहां सिर्फ हालीवुड स्टार्स ही गेम्स में छाए रहते थे। अब बालीवुड स्टार्स और क्रिकेटर्स को लेकर मोबाइल गेम्स और ऑनलाइन वीडियो गेम्स देखने को मिल रही हैं।

हाल ही में हिरण शिकार मामले में फंसे सलमान खान पर ऑनलाइन गेम बनाने वाली एक कंपनी ने 'बॉलीवुड बकवास' नाम से एक गेम बनाई है। अगले दो साल में वीडियो गेम्स का बिजनेस 30 करोड़ तक पहुंच जाएगा। बालीवुड गेम्स डाउनलोडिंग 50 से 150 रुपए में होती है। गेमिंग सेक्टर की नई संभावनाओं को तलाशती भास्कर की यह रिपोर्ट।

सोलह बिट वाली टू डी गेम्स की जगह आज थ्री डी गेम्स ने ले ली है। प्ले स्टेशन किशोरों और बच्चों की पहली पसंद बन गए हैं। बाजार में बिकने वाली ये गेम्स सीडी पर उपलब्ध हैं। इन गेम्स को प्ले स्टेशन वन और टू पर खेला जाता है। इसके अलावा पीसी गेम्स की भी काफी मांग है। एंटरटेनमेंट के साथ-साथ एजूकेशनल गेम्स की भी अपनी अलग डिमांड है। प्री नर्सरी और प्राइमरी स्टूडेंट्स के लिए ऐसी गेम्स हैं, जो उन्हें खेल-खेल में स्टडी सीखाती हैं।

यूथ में ई-गेम्स, थ्री डी गेम्स को लेकर काफी क्रेज है। प्ले स्टेशन वन और टू पर खेली जाने वाली गेम्स हालीवुड और बालीवुड मूवीज बेस्ड होती हैं। इनमें मूवी की स्टोरी को एनिमेशन में प्रेजेंट किया जाता है और जिसका हीरो खुद गेम प्लेयर होता है। मार्केट में इंटरनेट पर आनलाइन गेम्स के फुल वर्शन चंद डालर अदा कर डाउनलोड किए जा सकते हैं। कम्प्यूटर में इन वीडियो गेम्स को खेलने के लिए नाइन एक्स साफ्टवेयर की जरूरत होती है। गेम्स सीडी के कारोबारी सुदेश ने बताया कि उनके ज्यादातर कस्टमर टीनएजर्स या फिर यूथ हैं। पोकेमैन, रोड या कार रेस, क्रिकेट और फाइटिंग गेम्स इनकी पहली पसंद हैं।

एनएसी कंप्यूटर के सतपाल सिंह सैनी का कहना है कि यहां पर वीडियो गेम्स का काफी अच्छा बिजनेस है। उनके कस्टमर्स में स्टूडेंट्स और यूथ ही ज्यादा होते हैं। बॉलीवुड और हॉलीवुड गेम्स की ज्यादा डिमांड रहती है। अमृतसर में रोजाना वीडियो गेम्स का 10 हजार का बिजनेस है।

समीरा रेड्डी थीं पहली बॉलीवुड स्टार बालीवुड हीरोइन समीरा रेड्डी बेशक फ्लाप रहीं हैं, लेकिन किसी बालीवुड स्टार का सबसे पहले वीडियो गेम में आने का क्रेडिट समीरा को जाता है। 'समीरा : स्ट्रीट फाइटर' के नाम से बनी यह गेम बेसिकली मोबाइल गेम थी, जिसमें समीरा एक वॉरियर प्रिंसेज के रूप में नजर आती हैं।

बिपाशा बसु जपैक की वेबसाइट पर 'बिपाशा बीच गेम्स' में नजर आ जाएंगी। यही नहीं बिपाशा जपैक के वीडियो गेम्स के लिए थीम, आइडिया और कंटेंट के लिए भी अपनी भूमिका अदा करती हैं।

फिर चला 'बप्पी दा' का जादू animation life/ childran like very much these day पेराडोक्स स्टूडियो द्वारा तैयार वीडियो गेम में बप्पी लहिरी किसी दुश्मन से लड़ते नजर नहीं आएंगे। वे इस गेम में एक म्यूजिक कॉन्सर्ट में जाने के दौरान अपने गले में पहनने वाली गोल्ड चेन को हासिल करने की कोशिश में कई स्टेज को पार करते नजर आते हैं। यह गेम एक्शन के साथ कॉमेडी का टच लिए हुए है।

'सर्किट' ने जमाया रंग 'फाइट क्लब' में सर्किट के नाम से मशहूर अरशद वारसी की लोकप्रियता के चलते स्पाइल स्टूडियो ने उनके ऊपर आधारित मोबाइल गेम डवलप किया था। 'अरशद फाइट क्लब' के नाम से रिलीज हुए इस मोबाइल वीडियो गेम में अरशद बॉलीवुड के जाने-माने खलनायकों से लड़ते नजर आते हैं। यह वीडियो गेम फेमस गेम 'स्ट्रीट फाइटर' पर आधारित है। इस गेम की मार्केट में सबसे ज्यादा डिमांड है।

धोनी का जलवा बालीवुड स्टार्स के बाद क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी पर मुंबई बेस्ड नजारा टेक्नोलॉजी ने दो गेम्स तैयार किए। 'धोनी टेपबाज' नाम के पहले गेम में जहां गेम खेलने वाले खिलाड़ी को बैटिंग करने के दौरान बॉल को मैदान से बाहर हिट करना होगा। वहीं दूसरे गेम 'धोनी धमाका' में चौके-छक्के मारकर ज्यादा से ज्यादा रन स्कोर करने होंगे।

और आगे होगा जॉन अब्राहम का कमाल बालीवुड हार्टथ्रोब जॉन अब्राहम को लेकर माइकल वे एक वीडियो गेम बनाने जा रहे है। इस वीडियो गेम का नाम है प्रिंस ऑफ परसिया। जॉन को इसका हीरो बनाया जाए, इसलिए इंटरनेट पर उसे लेकर एक वोटिंग मुहिम भी छिड़ गई है। यही नहीं यूके बेस्ड फैन्स ने वीडियो गेम के लीड रोल के लिए उनका स्कैच भी जारी कर दिया है।

हॉलीवुड मूवीज बेस्ड गेम्स स्टार वार्स, किंगकांग, इनक्रिडिएवल, टोंब रेडर, जेल ब्रेक, ग्लेडिएटर, रेडर्स, हाउस आफ डैड, लास्ट फ्लाइट, व्हाइट सिटी।

मोबाइल गेम्स रंग दे बसंती, सरकार, होम डिलीवरी, शोले, इंडियाना जोन्स, जुरासिक पार्क

गेम्स कोड एम लिखीं वीडियो गेम्स सिर्फ एड्ल्टस के लिए हैं। एटी फिल्मों पर आधारित गेम्स बालिगों के लिए है। टी लिखीं गेम्स ही टीएनएजर्स के लिए हैं। जनरल गेम्स तो शायद ही मिलें।

हिस्ट्री ऑफ वीडियो गेम्स >> 1952 में एएस डगल्स ने sूमन कम्प्यूटर इंटरैक्शन पर पीएचडी की। उन्होंने पहली कम्पयूटर गेम ए वर्जन आफ टिक टैक टो बनाई। यह गेम ईडीएसएसी वैक्यूम ट्यूब पर प्रोग्रैम की गई, जिसमें कैथोड रे डिस्प्ले था।

>> पहली वीडियो गेम 1958 में विलियम हिग्गनीबोथम द्वारा बनाई गई थी। उन्होंने टेनिस फार टू बनाई।

>> 1962 में स्टीव रुसेल ने स्पेस वॉर नामक गेम बनाई। यह पहली कंप्यूटर गेम थी।

>> 1967 में रैल्फ बेर ने टीवी के लिए पहली वीडियो गेम बनाई, जिसका नाम चेस रखा

क्या कहते हैं गेम प्लेयर सातवीं की स्टूडेंट सपना कहती हैं कि उसके घर के पास कोई प्ले ग्राउंड नहीं है। स्कूल से आने के बाद घर पर कोई नहीं होता है। ऐसे में टीवी गेम्स ही आखिरी आप्शन है।

दसवीं का स्टूडेंट राहुल कहता है कि उसके मम्मी और पापा सर्विसमैन हैं। दोनों रात को आते हैं। उसके पेरंेट्स ने उसे होमवर्क कंपलीट करने के बाद वीडियो गेम्स खेलने की इजाजत दे रखी है।

मोहित स्कूल से लौटने के बाद पहले होमवर्क करता है। इसके बाद वह कंप्यूटर पर गेम्स खेलता है। 'नीड फॉर स्पीड' उसकी पसंदीदा गेम है।





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