पानीपत : अटारी एक्सप्रेस विस्फोट की जांच में जुटी राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) की सीआईए शाखा ने मंगलवार शाम पानीपत के एक बड़े मुस्लिम नेता को अटारी कांड साजिश में शामिल होने के शक में कुटानी रोड से उठा लिया। सीआईए उसे अपने साथ अंबाला ले गई है। माना जा रहा है कि मुस्लिम नेता को बुधवार सुबह अंबाला की अदालत में पेश किया जाएगा, जहां पर उसे रिमांड पर लेने की कोशिश की जाएगी।
इस हादसे में पानीपत से हुई गिरफ्तारी ने जिला पुलिस को सकते में डाल दिया है। खुफिया सूत्रों के मुताबिक शाम पांच बजे जीआरपी सीआईए (अंबाला) के इंचार्ज गुरदीप सिंह अपनी टीम के साथ निजी गाड़ी में पानीपत पहुंचे। पूरी कार्रवाई को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम देते हुए सीआईए टीम ने वार्ड-11 में रहने वाले मुस्लिम नेता मतलूब अहमद को गिरफ्तार कर लिया।
उल्लेखनीय है कि 18 फरवरी की रात को दिल्ली से चलकर अटारी जाने वाली अटारी एक्सप्रेस के दो डिब्बों में दीवाना (पानीपत) रेलवे स्टेशन के पास विस्फोट हुआ था। इसमें 6 7 लोग मारे गए थे। इस हादसे की जांच जीआरपी को सौंपी गई थी, जिसने जांच के दौरान कई लोगों से पूछताछ की लेकिन कोई ठोस सबूत नहीं मिलने के कारण एक-एक कर सभी को क्लीन चिट दे दी गई। एक बार तो इस मामले की फाइल को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था।
हमें कोई जानकारी नहीं दी : महफूज मतलूब के बेटे से महफूज से जब इस बाबत बात की गई तो उसने बताया कि मतलूब शाम को दरगाह मखदूम साहब पर नमाज अदा करने बाद घर से निकले थे। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल रहा है। उनका मोबाइल भी स्विच आफ आ रहा है। वे बहुत परेशान हैं। महफूज ने बताया कि उन्हें लोगों से यह पता चला है कि उसके पिता को जीआरपी पकड़कर ले गई है पर कहां रखा है यह कोई नहीं बता रहा है।
पाक रहकर आया है मतलूब मतलूब अहमद के बारे में बताया गया है कि वह करीब दस दिन पाकिस्तान में रहकर अभी हाल में ही लौटा है। मतलूब के बेटे महफूज ने बताया कि वे प्रोपर्टी के मामले में पाक गए थे। संबंधित फाइल उसके पास है। उसने बताया कि पाक में रहने वाले नक्का उल्ला की वार्ड-11 में कुछ जमीन है और कुछ लोंगों ने इस पर कब्जा किया हुआ है।