News
Metros
Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़ : पूर्व डीजीपी एसएस विर्क की अटैची से बरामद दस्तावेजों ने अफसर लॉबी में हलचल मचा दी है। विजिलेंस विर्क से बरामद उस दस्तावेज की पड़ताल कर रही है, जिसमें कैप्टन सरकार में विजिलेंस चीफ रहे एपी पांडेय समेत पांच (विर्क सहित छह) बड़े अफसरों की करोड़ों की नामी -बेनामी जायदाद का खुलासा है।
सवालों के घेरे में दस्तावेज : दो पेज के इस दस्तावेज में खुद विर्क के कई नामी-बेनामी जायदाद का ब्योरा है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि इसे किसने व क्यों तैयार किया और विर्क ने इसे अपने पास क्यों संभाल कर रखा। विर्क से पूछताछ हुई होती तो शायद इसका खुलासा होता, पर बीमारी पूछताछ में बाधा बन गई।
अफसरों से पूछताछ संभव : माना जा रहा है कि दस्तावेजों में जिन अफसरों की जायदादों का जिक्र है उनसे विजिलेंस जल्द ही पूछताछ करेगी। अफसरों के इन संपत्तियों का मालिक होने की पुष्टि होने पर उन्हें भी आरोपी बनाया जा सकता है। ऐसा विजिलेंस अफसरों ने संकेत दिया है।
अफसरों का है कच्चा चिट्ठाएपी पांडेय (कैप्टन सरकार के विजिलेंस चीफ और पंजाब में वर्तमान रैंक डीजीपी): खरड़ थाने के वडाली गांव में 16 कनाल जमीन (अंबिका प्रसाद एजूकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन, फेज-6, मोहाली के नाम पर)। इस फाउंडेशन के बगल में ही रंधीर प्रताप बाली के नाम पर 13 कनाल 10 मरले जमीन। कुराली थाने के खिजराबाद में जालंधर के जसमेल सिंह की पार्टनरशिप में 125 एकड़ जमीन (सूत्रों के मुताबिक)। सन्नी इन्क्लेव में 2-2 सौ वर्ग गज के 6 प्लॉट। प्रत्येक प्लॉट्स को 8500 रु. के हिसाब से बुक कराकर डेढ़ साल पूर्व इन्हें 10500रु. प्रति प्लॉट बेचा (सूत्रों के हिसाब से)।
आरपी सिंह (कैप्टन सरकार के आईजी इंटेलिजेंस): खरड़ थाने के झंझेड़ी गांव में अपनी बहन के नाम पर 3 एकड़ जमीन खरीदा। खरड़ थाने के लांडरा गांव में तहसीलदार बलजिंदर सिंह और एडवोकेट भजन सिंह की पार्टनरशिप में 6 कनाल जमीन खरीदा, जिसका सौदा 28 लाख में हुआ था। पर 8 लाख की रजिस्ट्री हुई थी और 20 लाख रुपए नकद भुगतान किए गए थे। ट्रिब्यून कॉलोनी, कांसल में 1 कनाल की कोठी, सन्नी एन्क्लेव, मंडी, खरड़ में 1 कनाल का प्लॉट, चंडीगढ़ सेक्टर-49 के आईपीएस कॉलोनी में 1 फ्लैट भी है।
राकेश अहीर, पीसीएस:
जीरकपुर थाने के गांव पीरमच्छला (पंचकूला सेक्टर-20 के समीप) 75 स्क्वेयर यार्ड का कमर्शियल प्लॉट है, जिसकी वर्तमान में कीमत 1 करोड़ आंकी जा रही है।
राजिंदर सिंह (कैप्टन सरकार में कई जोन के आईजी रह चुके हैं): खरड़ थाने के बलौंगी तीन माजरा में 5 एकड़ जमीन (नदी वाली)। यह जमीन इनके पिता सरदारा सिंह, बलबीर सिंह और सुरिंदर पाल सिंह के नाम पर है। चंडीगढ़ सेक्टर-33 में मकान नंबर-1589, सेक्टर-37 में मकान नंबर-1341, सेक्टर-46 में डुप्लेक्स फ्लैट नंबर-256 इन्हीं के नाम पर है। रोपड़ के सदर थाना क्षेत्र स्थित भदल गांव में 10 एकड़ जमीन (सूत्रों के मुताबिक)। इसके अलावा चमकौर साहिब के बैला थाना क्षेत्र, बठिंडा और फिरोजपुर बेट एरिया में भी इनकी जमीन है।
मुकुल जोशी (पंजाब के चर्चित आईएएस): थाना नया गांव के सियोक गांव में राणा गुरजीत सिंह की पार्टनरशिप में 150 एकड़ शामलात जमीन पर मालिकाना हक (सूत्रों से मिली जानकारी)।
एसएस विर्क (कैप्टन सरकार में खासमखास डीजीपी): गांव दयालपुरा में चिमनी रिजार्ट, गांव नाभा में साढ़े 8 एकड़ जमीन, गांव छतझुग्गिया में 2 एकड़ जमीन (ये दोनों जमीन एक साथ हैं), बाकरपुर गांव में साढ़े 13 एकड़ जमीन, गांव सेखन माजरा में सवा 7 एकड़ जमीन और लाड़लू थाने के सरसीनी गांव में 3-4 एकड़ जमीन (इस जमीन के एक एकड़ हिस्से का एक मत्था मेन हाइवे से लगता है)। उक्त सभी प्रॉपर्टी में विर्क के भाई राजदीप सिंह पार्टनर हैं।
संबंधित खबरें
* विर्क 24 सितंबर तक रिमांड पर
* विर्क से मिले कैप्टन, पुलिस कैट्स का जमकर समर्थन किया
* विर्क को पीजीआई भेजा गया
* गिरफ्तार पूर्व डीजीपी के बैंक खातों की जांच