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करनी होगी छह घंटे ड्यूटी

भोपाल: duty कॉलेजों के शिक्षकों को अब छह घंटे तक ड्यूटी पर बनाए रखने के लिए अटेंडेंस पंचिंग मशीन लगेगी। शिक्षकों के आने-जाने का रिकार्ड उनके फिंगर प्रिंट से रखा जाएगा। इसकी शुरुआत एमएलबी कॉलेज से हो गई है और सरकार द्वारा प्रदेशभर के कॉलेजों में यह मशीनें लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

हस्ताक्षर करना भी जरूरी नहीं था: आमतौर पर दो-तीन क्लास पढ़ाने के बाद कालेज से चले जाने वाले शिक्षकों को अब परेशानी हो सकती है। अभी तक कालेज शिक्षकों को उपस्थिति के लिए हस्ताक्षर करना भी जरूरी नहीं था, लेकिन अब उनकी हाजिरी मशीन में दर्ज होगी। परीक्षण के तौर पर एमएलबी कालेज में लगाई गई इस मशीन में सभी शिक्षक और स्टाफ के सदस्यों की अंगुली या अंगूठे के निशान रिकार्ड किए जा रहे हैं। इस रिकार्ड को हर दिन आने और जाने के समय पर दिए जाने वाले अंगूठे या अंगुली के निशानों से मैच किया जाएगा।

आयुक्त कार्यालय को भेजी जाएगी रिपोर्ट : उच्च शिक्षा विभाग ने सभी प्राचार्र्यो को निर्देश दिए हैं कि हर शिक्षक का प्रतिदिन आठ पीरियड या छह घंटे कालेज में उपस्थित रहना सुनिश्चित करें। एमएलबी कालेज में लगी मशीन की रिपोर्ट को देखने के बाद इसे नूतन, एमवीएम, हमीदिया, गीतांजलि, भेल, बेनजीर और नवीन कालेज में भी लगाया जाएगा। प्राचार्यों को मशीन के मासिक रिकार्ड की जांच करने को भी कहा गया है। इसकी रिपोर्ट आयुक्त कार्यालय को भी भेजी जाएगी।

एमएलबी कालेज की प्राचार्य पुष्पा त्यागी ने बताया कि कक्षा के समय के अनुसार टीचर को आने की सुविधा है, लेकिन उसे तय समय पूरा कालेज को देना जरूरी है। हर टीचर को सुबह कालेज शुरू होते समय ही आने की बाध्यता नहीं दी गई है।

कालेजों का बदलेगा टाइम टेबल
इस मशीन में हाजिरी रिकार्ड करने के लिए अब शिक्षकों को कालेज में छह घंटे रोकने की व्यवस्था कालेज प्रबंधनों को करनी होगी। इसके लिए हर शिक्षक के वर्क लोड के अनुसार उसका काम तय किया जाएगा। कक्षा का समय कम होने पर रिजल्ट बनवाना, शोध छात्रों की मदद करना और लायब्रेरी में बैठकर लेक्चर तैयार करने के लिए कहा जाएगा। इसके साथ ही हर विभाग में शिक्षक संख्या के अनुसार बैठक व्यवस्था भी सुधारी जाएगी।

कैसे काम करेगी पंचिंग मशीन..
पंचिंग मशीन में डाटा तैयार करने के लिए सभी शिक्षकों के अंगूठे या अंगुली के निशान मशीन की डिवाइस पर लिए जाएंगे। एक बार निशान मशीन में दर्ज हो जाने के बाद दोबारा उसी अंगूठे को स्क्र्रीन पर रखने पर ही उसे मशीन मैच करेगी। इसके साथ ही मशीन पर अंगूठा लगाने का समय भी रिकार्ड होगा। यह मशीन निशान मैच होने या न होने पर वायस मैसेज भी देगी। इससे किसी और को भेज कर हाजिरी लगवाने की आशंका भी खत्म हो गई है।





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