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‘डू नॉट डिस्टर्ब’ सुविधा दुविधा में

भोपाल:mobile कमर्शियल कॉल्स और एसएमएस को लेकर खीझने और शिकायत करने वाले मोबाइल फोन उपभोक्ताओं की रुचि इन्हें रोकने के लिए उन्हें दी गई सुविधाओं में नहीं दिख रही है।

प्रदेश के 75 लाख मोबाइल उपभोक्ताओं में से अब तक तकरीबन 35 हजार ने ही कमर्शियल कॉल्स और एसएमएस रोकने के लिए जरूरी रजिस्ट्रेशन कराया है। इसके ठीक विपरीत देशभर की 14750 कंपनियों ने अपने प्रोमो एसएमएस और कॉल करने के लिए साढ़े चार लाख नंबर बुक कराए हैं। अब इन नंबरों से मोबाइल उपभोक्ताओं को एसएमएस या कॉल आ सकते हैं।

देशभर में 50 लाख रजिस्ट्रेशन: दूरसंचार नियामक प्राधिकरण के निर्देश पर दूरसंचार विभाग ने सभी टेलीकॉम कंपनियों को पांच सितंबर तक विभिन्न कंपनियों के कमर्शियल कॉल्स और एसएमएस न चाहने वाले उपभोक्ताओं के लिए रजिस्ट्रेशन करने की व्यवस्था करने को कहा था। बीएसएनएल के अलावा अन्य कंपनियों की वेबसाइट पर भी रजिस्ट्रेशन हो सकता है।

प्राधिकरण के अधिकृत आंकड़ों के अनुसार देशभर के 19 करोड़ मोबाइल उपभोक्ताओं में से केवल पचास लाख ने ही ‘डू नॉट डिस्टर्ब’ के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। टेलीकाम कंपनियों के अधिकारियों के अनुसार मप्र में यह आंकड़ा और भी कम है।

व्यस्त लोग ही कराते हैं रजिस्ट्रेशन
आइडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार उनके 20 लाख ग्राहकों में से लगभग दस हजार ने ही यह रजिस्ट्रेशन कराया है। उन्होंने कहा कि इस सुविधा का लाभ केवल वही उपभोक्ता ले रहे हैं, जो अत्यधिक व्यस्त रहते हैं और 24 घंटे मोबाइल चालू रखते हैं।

एयरटेल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील गोयल भी मानते हैं कि अभी डू नाट डिस्टर्ब के अधिक रजिस्ट्रेशन नहीं हुए। उनका मानना है कि ज्यादा से ज्यादा आधा प्रतिशत उपभोक्ताओं ने ही इस सुविधा का लाभ उठाया है। इस हिसाब से अनुमान लगाया जा सकता है कि मप्र में सभी मोबाइल कंपनियों के 75 लाख उपभोक्ताओं में से 35 हजार से अधिक ने रजिस्ट्रेशन कराया है।

रजिस्ट्रेशन जारी
मोबाइल कंपनियों के अधिकारियों के अनुसार उपभोक्ताओं का रजिस्ट्रेशन एक सतत प्रक्रिया है, जो रजिस्ट्रेशन कराएंगे, 45 दिन के भीतर उन्हें प्राप्त होने वाले कमर्शियल कॉल और एसएमएस बंद हो जाएंगे।





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dhanraj wadhwani
Wednesday, 12th Sep 2007, 15:19
अनचाहा एस.एम.एस. पाकर लोग क्यों परेशान होते हैं। काश इन्हें पढ़कर लोगों को आसानी से डीलेट करना आ जाए। अधिकांश उन लोगों की परेशानी ही परेशानी है जिन्हें मिटाना नहीं आता। - धनराज वाधवानी,