कोटा:
जेके लोन अस्पताल में मंगलवार देर रात एक वृद्धा की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा कर दिया। उनका कहना था कि डाक्टर ने इलाज में लापरवाही बरती है। हंगामे को देखते हुए अस्पताल में बड़ी संख्या में पुलिस बुलवा ली गई।
उधर, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने कमेटी से इसकी जांच करवाने की घोषणा की है। पुलिस ने भी इस मामले में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हाथीखेड़ा निवासी 55 वर्षीय नजमा पत्नी इकबतउल्ला को बच्चेदानी में इंफेक्शन की शिकायत थी। परिजन स्त्रीरोग विशेषज्ञ डा. ललिता माथुर से उसका इलाज करा रहे थे। डा. ललिता माथुर ने उसे सुबह ऑपरेशन के लिए भर्ती किया और प्रात: 11 बजे उसका ऑपरेशन कर बच्चेदानी निकाल दी। दिनभर उसकी हालत ठीक थी। शाम को नजमा ने बताया कि उसे ठीक प्रकार से सांस नहीं आ रही है। इस पर परिजन ललिता माथुर के घर पहुंचे और उन्हें यह बात बताई। इस पर ललिता माथुर शाम को अस्पताल पहुंची और नजमा को दोबारा पांच बजे ऑपरेशन थियेटर में लिया। दो घंटे बाद उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया।
सूचना मिलते ही डीएसपी हनुमान प्रसाद मीणा, सीआई जसवंत ंिसंह मय जाप्ता मौके पर पहुंच गए। परिजनों ने उनके सामने गहरा आक्रोश जताया। इस दौरान कई बार परिजन गुस्से में अस्पताल के अंदर गए और ललिता माथुर से बात करने पर अड़ गए। पुलिस ने उन्हें समझाकर बाहर किया। इधर हंगामें के बाद मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डा. जीएल वर्मा और डा. आरके असेरी मौके पर पहुंच गए थे।
जांच के निर्देश
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डा. जी.एल.वर्मा ने कहा कि महिला की मौत के मामले की जांच तीन सदस्यीय कमेटी करेगी। इस कमेटी का गठन बुधवार को होगा। महिला की मृत्यु के कारणों का पता लगाने का एक माध्यम पोस्टमार्टम था। लेकिन, परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। जहां तक महिला चिकित्सक पर लगे आरोपों का मामला है। इस संबंध में प्रकरण की जांच कराई जाएगी। इस बारे में अन्य स्त्री रोग विशेषज्ञों से भी राय ली जाएगी।
इलाज के लिए दिए थे डाक्टर को रुपए
मृतका के भाई नयापुरा निवासी शफी मोहम्मद ने डा. ललिता माथुर पर डेढ़ हजार रुपए लेने के बावजूद बेहतर इलाज नहीं करने का आरोप लगाया। उनका आरोप है कि चिकित्सक ने नजमा की सारी जांच निजी लैब से कराने को भी कहा था। सुबह उनकी बहन पैदल चलते हुए अस्पताल आई थी, लेकिन डाक्टर की लापरवाही के कारण उसकी मौत हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि डाक्टरों ने उन्हें मौत की सूचना नहीं दी। वे बार-बार ब्लड और दवाइयां मांगते रहे। बाद में डा. ललिता माथुर वहां से बिना बताए रवाना हो गई।
पुलिस ने दी मृत्यु की सूचना
महिला के परिजनों का आरोप है कि महिला की मृत्यु की सूचना उन्हें चिकित्सक के बजाय पुलिस ने दी। उन्होंने कहा कि यह गलत परंपरा है इस पर रोक लगाई जानी चाहिए।