बीकानेर:
मलेरिया ने गुरुवार को एक और किशोरी की जान ले ली। कोलायत तहसील के गोगड़ियावाला गांव की रहने वाली भंवरी को मलेरिया पीएफ होने पर नौ सितंबर को पीबीएम अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। मंगलवार सुबह भंवरी ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। इसके साथ ही मलेरिया के कारण तीन दिन में दो मौतें हो गई और जनवरी से अब तक का यह बीमारी जिले के आठ लोगों की जान ले चुकी है। रविवार को बीठनोक गांव की जैनू की मौत मलेरिया से हो गई थी। मलेरिया से पीड़ित लोगों का पीबीएम अस्पताल पहुंचना जारी है। मंगलवार तड़के तक बीते 24 घंटों में अस्पताल पहुंचे बुखार के रोगियों में से तीन को मलेरिया फेल्सीपेरम होना पाया गया है।
मंगलवार को दिन में भी दो व्यक्तियों की जांच मलेरिया वाइवैक्स की पुष्टि हुई। अस्पताल में भर्ती मलेरिया प्रभावितों की संख्या 10 हो चुकी है तथा कुछ और लोगों को मलेरिया होने की आशंका है जिसकी पुष्टि रक्तजांच के बाद ही होगी।
मलेरिया एंडमिक जोन के रूप में चिह्न्ति बीकानेर जिले में इस साल यह रोग गंभीर रूप लेता नजर आ रहा है। जनवरी से अब तक पीबीएम अस्पताल में 190 मलेरिया रोगी भर्ती हो चुके हैं जिनमें से 92 लोग फेल्सीपेरम व 98 लोग वाइवैक्स से पीड़ित मिले। अस्पताल में भर्ती रोगियों में से लगभग एक दर्जन की जान जा चुकी हैं जिनमें आठ लोग बीकानेर जिले के हैं।
दूसरी ओर जिलेभर के अस्पतालों में पहुंचे मलेरिया रोगियों के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति काफी विकट नजर आती है। जनवरी से अब तक जिलेभर में लगभग 11 सौ लोग मलेरिया से प्रभावित हो चुके हैं जिनमें से 60 से अधिक रोगी पीएफ से पीड़ित मिले हैं।
दूसरी ओर रोग का प्रकोप देखते हुए हरकत में आए स्वास्थ्य महकमे के अधिकारी जिलेभर में दौड़ लगा रहे हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा.नृसिंह बीठू, डिप्टी सीएमएचओ डा.जे.पी.लखोटिया के साथ एक टीम ने सोमवार को बीठनोक गांव का दौरा किया जहां एक महिला की मौत मलेरिया से होने की जानकारी मिली थी।
डा.लखोटिया ने बताया कि जिस महिला को बीठनोक का होना बताया गया था वह मोटासरा गांव की थी, बीठनोक मे उसका पीहर था। बीमार होने पर उसे वहां लाया गया था और वहीं से तुरंत कोलायत अस्पताल दिखाया गया जहां से पीबीएम रैफर कर दिया। इस स्वास्थ्य दल ने सीमावर्ती गांवों भलूरी, बिजेरी, बज्जू, माणकासर आदि में भी स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया।