न्यूयॉर्क. भारत के सॉफ्टवेअर आइकॉन और मशहूर उद्योगपति अजीम प्रेमजी एक और नई श्रेणी में शीर्ष पर नामांकित किए गए हैं। एक अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट ने लिखा है कि फारस की खाड़ी के शाही घरानों को शुमार न किया जाए तो प्रेमजी दुनिया के नंबर 1 मुस्लिम उद्यमी हैं।
आर्थिक मामलों के दैनिक पत्र वॉल स्ट्रीट जॉर्नल ने भारत के तीसरे सबसे बड़े साफ्टवेअर निर्यातक विप्रो के चेयरमेन अजीम प्रेमजी पर मुखपृष्ठ केंद्रित करते हुए लिखा है कि अन्य मुस्लिम रईसों से इतर प्रेमजी की सोच काफी आधुनिक है, वे फारस की खाड़ी के रईसों की तरह पेट्रोल से पैसा नहीं कमाते बल्कि उनके तरीके कुछ अलग रहे हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रेमजी ने अपने वनस्पति उत्पादन की अपनी घरेलू कंपनी को तकनीक और आउटसोर्सिग कंपनी विप्रो लिमिटेड में तब्दील करने के लिए भारत की इंजीनियरिंग प्रतिभा का बेहतरीन इस्तेमाल किया है। देश से बाहर भी अपनी सेवाओं का जाल बिछाने वाली इस कंपनी की बदौलत प्रेमजी वर्तमान में करीब 17 अरब डॉलर की संपत्ति के मालिक हैं।
मुस्लिम रईस उद्यमियों की इस सूची में प्रेमजी रूस के धातु और रियल एस्टेट के मशहूर नाम सुलेमान केरिमोव से आगे हैं, सुलेमान की संपत्ति 14 अरब डॉलर आंकी गई है। प्रेमजी के ऊपर लिखी गई इस रिपोर्ट का शीर्षक दिया गया है हिंदू भारत में मुस्लिम के अरबपति बनने का सफर। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्वीकरण को अपनाकर भारत विकासशील देशों में अग्रणी देश बनकर उभरा है।
प्रेमजी ने वॉल स्ट्रीट को दिए एक इंटरव्यू में भारत के बारे में कहा है कि हम हमेशा खुद को एक भारतीय के रूप में परिचित कराते रहे हैं, न कि एक हिंदू या मुस्लिम या ईसाई के रूप में।
सूची में अन्य प्रमुख नाम :
नासिर खराफी, कुवैत - 11 अरब डॉलर
मोहम्मद अमाउदी, सऊदी अरब - 8 अरब डॉलर
अब्दुल अजीज गुरैर, यूएई - 8 अरब डॉलर
सिकंदर माहमुदोव, रूस - 8 अरब डॉलर
मान सानेआ, सऊदी अरब - 7.5 अरब डॉलर
सुलेमान राझी, सऊदी अरब - 7.5 अरब डॉलर