जालंधर :
मुख्यमंत्री बादल ने राज्य में दूसरी प्राइवेट यूनिवर्सिटी को हरी झंडी देते हुए कहा, इसके लिए सरकार जल्द एक्ट पास करेगी। आदमपुर के पास गांव ख्लाया में बनने वाली संत बाबा भाग सिंह यूनिवर्सिटी का नींव पत्थर उन्होंने मंगलवार को रखा। बादल से पहले कैप्टन सरकार ने लवली प्रोफैशनल यूनिवर्सिटी को स्वीकृति देकर राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में निजीकरण का दौर शुरू किया था।
तब कांग्रेस सरकार को काफी विरोध का सामना करना पड़ा था। हालांकि बादल ने यूनिवर्सिटी का नींव पत्थर रख दिया है, लेकिन स्थापना को कानूनी मान्यता तभी मिलेगी जब विधानसभा में एक्ट पास होगा। बादल ने निजी फंड से यूनिवर्सिटी के लिए दस लाख देने की घोषणा करते हुए कहा कि जब तक उनकी सरकार रहेगी, तब तक हर साल वह 10 लाख रुपए यूनिवर्सिटी को जारी करते रहेंगे।
आयुर्वेदिक यूनिवर्सिटी बनेकैबिनेट मंत्री (मैडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च) तीक्ष्ण सूद ने मुख्मंत्री के सामने होशियारपुर में भी आयुर्वेदिक यूनिवर्सिटी स्थापित करने की मांग की है। इस पर उन्होंने प्रस्ताव बनाकर देने को कहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह उसे मंजूरी दे देंगे।
इंडस्ट्रियल जोन की मांगविधायक सर्बजीत सिंह मक्कड़ ने सीएम के सामने आदमपुर में इंडस्ट्रियल जोन बनाने, भोगपुर शूगर मिल की क्षमता बढ़ाने और 150 गांवों में पीने के पानी और निकासी की व्यवस्था करने की मांग रखी। बादल ने मांगें पूरी करने का विश्वास दिलाया।
ग्रामीण इलाके में यूनिवर्सिटीपंजाब में यह पहली यूनिवर्सिटी है, जिसे गांव में स्थापित किया जा रहा है। बादल ने कहा कि इससे ग्रामीण युवकों को काफी लाभ पहुंचेगा। यूनिवर्सिटी के निर्माण के लिए यत्नशील संत जी की सराहना करते हुए बादल ने कहा कि वह चाहते हैं कि बाबा जी राज्य के दूसरे ग्रामीण क्षेत्रों में भी शिक्षण संस्थान स्थापित करें।