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झगड़ें फिर मिलें

धूप-छांव की तरह किसी भी रिश्ते में प्यार और तकरार बराबरी से चलती है। यह बात पति-पत्नी के रिश्ते में भी और रिश्तों की तरह ही लागू होती है। सही भी है कि अगर relationआपको लड़ना आता है, तो यकीनन पैचअप करना भी आना चाहिए। पतिदेव को पता होना चाहिए कि आप रूठों को मनाने की काबिलियत रखती हैं, लेकिन जरा स्टाइल से..

स्टेप 1- तय मान लीजिए कि मामला खत्म करने के लिए वह आपसे माफी जैसी ही कोई बात सुनना चाहेंगे। आपको यह करना तो है, लेकिन जरा समझदारी से।

स्टेप 2- उन्हें बताने की कोशिश करिए कि आप क्या चाह रही थीं और वह क्या कह रहे थे। लेकिन इस चीज को बहस में तब्दील न होने दंे। कहीं ऐसा न हो कि मामला सुलझने के बजाय और उलझ जाए।

स्टेप 3- पोस्ट फाइट मूड यानी लड़ाई के बाद वाले मूड और माहौल को आपके कुछ शब्द ही हल्का कर सकते हैं। मसलन ‘मैं लड़ाई चाहती तो नहीं हूं, लेकिन मुझे अच्छा लगेगा अगर हम यह मामला यहीं खत्म करें।’

स्टेप 4-‍आप उन्हें जिंदगी की सबसे अहम चीज याद दिलाएं, उन्हें बताएं कि आप पूरे परिवार को कितना पसंद करती हैं।

स्टेप 5- सकारात्मक सोच रखिए और आज ही तय करिए कि लड़ाई पैदा करने वाले मुद्दों को दोबारा नहीं छेड़ेंगी।

स्टेप 6- एक और आसान और रोमांटिक आइडिया यह होगा कि आप साथ घूमने जाने या मूवी देखने का प्लान बनाएं।





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