पेरिस:
एक अध्ययन के मुताबिक गर्भ निरोधक गोलियों के इस्तेमाल से महिलाओं में कैसर का खतरा कम हो जाता है। ब्रिटिश मेडिकल जरनल में प्रकाशित एक शोध में इसका पता चला। 1968 में शुरू किए गए इस शोधकार्य के लिए 46 हजार ब्रिटिश महिलाओं को चुना गया।
इन महिलाओं की औसत आयु 29 साल थी। इनमें आधी से अधिक महिलाओं ने गर्भ निरोधक गोलियों का इस्तेमाल किया जबकि आधी महिलाओं ने कभी भी गर्भ निरोधक का इस्तेमाल नहीं किया। शोध से पता चला है कि जो महिलाएँ गर्भनिरोधक गोलियों का प्रयोग करती हैं,उन्हें कैंसर का ख़तरा 12 प्रतिशत तक कम हो जाता है। एक बार गर्भनिरोधक लेना बंद करने के 15 बरस बाद तक कैंसर से बचाव होता रहता है और वह ऐसे समय में महिलाओं की रक्षा करता है जब उन्हें कैंसर होने का सबसे अधिक ख़तरा होता है।
एबरडीन यूनिवर्सिटी के शोध के परिणाम बताते हैं कि जो महिलाएँ आठ या ज़्यादा साल तक गर्भनिरोधक गोलियाँ लेती रही हैं उन्हें सर्वाइकल या मुख्य श्वसन प्रणाली में कैंसर होने का ख़तरा बढ़ जाता है। कुछ महिलाओं में गर्भाशय का कैंसर होने का ख़तरा कम भी होता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि इस शोध के परिणाम से उन महिलाओं को आश्वस्त किया जा सकेगा जो गर्भनिरोधकों की पहली पीढ़ी की दवाओँ का सेवन करती रही हैं।
शोधकर्ता मानते हैं कि गर्भनिरोधक की नई दवाएँ और उनको लेने के अलग-अलग तरीक़ो से उन महिलाओं के लिए कैंसर का ख़तरा बढ़ता है जो काफ़ी कम उम्र से ये दवाएँ ले रही हैं और लंबे समय तक इसी पर निर्भर करती हैं।