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हजारों यात्री ट्रेनों व स्टेशनों पर फंसे रहे

जाखल : जाखल जंक्शन रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह गेहूं से भरी मालगाड़ी पटरी से नीचे उतरने पर हजारों यात्री ट्रेनों व स्टेशनों पर फंसे रहे। सुबह आठ बजे से दस बजे तक गुजरने वाली सवारी गाड़ियों को जंक्शन से पूर्व स्टेशनों पर खड़ा करना पड़ा। दुर्घटना में मालगाड़ी के छह डिब्बे जंक्शन पर ही छह डिब्बे पटरी से उतरने के करीब दो घंटे बाद सवारी गाड़ियंों का आवागमन शुरू हुआ।

दुर्घटना से पटरी बुरी तरह ध्वस्त हो कर इधर-उधर बिखर गई। इससे रेलवे जंक्शन की पूरी कार्यप्रणाली ठप हो गई। मालगाड़ी के पटरी से उतरने पर हुए जोरदार धमाके ने जंक्शन पर मौजूद यात्रियों, रेल अधिकारियों तथा कर्मचारियों को हिला दिया। अधिकारी जब अपने कार्यालय से बाहर निकले तो उन्हें सारा माजरा समझ में आया। गाड़ियों के न चलने के कारण हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह ठीक 8 बजकर 5 मिनट पर हुए रेल हादसे के कारण जाखल जंक्शन की पूृरी कार्यप्रणाली अस्त व्यस्त हो गई।

इसके चलते फिरोजपुर से मुंबई,श्री गंगानगर से नई दिल्ली, जम्मु तवी से चेन्नई, लुधियाना से हिसार व हिसार से लुधियाना जाने वाली ट्रेनों को पिछले रेलवे स्टेशनों पर ही रोक दिया गया। इस कारण जहां जंक्शन पर सैकड़ों यात्रियों को अपने गंतव्य तक जाने में भारी असुविधा का सामना करना पड़ा वहीं उक्त रेलगाड़ियों में फंसे हजारों यात्रियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रियों में अमरीक सिंह, करनैल सिंह, लाला जगननाथ, लक्ष्मी देवी, प्रवीन कुमार सहित आदि ने बताया कि वे प्रात: 8 बजे से ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं परंतु कई घंटों के बाद भी गाड़ियों के आने की कोई संभावना नजर नहीं आ रही थी, जबकि रेल अधिकारियों ने रेल ट्रैक बहाल होते ही गाड़ियों के आने की बात कही।

रेलवे फाटक भी रहा बंद मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण जाखल तलवाड़ा मार्ग पर बने रेलवे फाटक नं.169-सी पर ही गाड़ी के डिब्बे खड़े हो गए। फाटक भी करीब दो घंटे तक बंद रहा। इस कारण फाटक के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई। फाटक के बंद रहने के कारण कुछ वाहन चालकों ने अपना मार्ग बदल लिया।

तीन महीने में तीसरी घटना जाखल जंक्शन पर रेल दुर्घटना की तीन महीनों में यह तीसरी घटना है। इससे पूर्व 29 जून को एक पेसेंजर गाड़ी की शंटिग के दौरान एक डिब्बा पटरी से उतर गया था जबकि इसके कुछ दिन पूर्व ही मालगाड़ी को ले जाने के लिए शंटिग कर रहा इंजन भी पटरी से उतरकर दुर्घटना ग्रस्त हो गया था।

क्या है दुर्घटना के कारण

मालगाड़ी के पटरी से नीचे उतरने के पीछे कारण चाहे जो भी हों लेकिन गाड़ी के ड्राइवर परमजीत सिंह का कहना है कि ट्रैक पर पुरानी लकड़ी के स्लीपर लगे होने के कारण ट्रैक का संतुलन बिगड़ गया। इस कारण गाड़ी पटरी से नीचे उतर गई जबकि रेलवे के रेल पथ विभाग के खंड अभियंता चंद्रशेखर शर्मा ने कहा कि गाड़ी को जाखल जंक्शन पर रुकना था लेकिन इसके बावजूद गाड़ी की स्पीड अधिक थी जिस कारण गाड़ी के पीछे के डिब्बे पटरी से उतर गए। कुछ कर्मचारियों का मानना है कि कुछ ही दिन पूर्व जंक्शन पर पर इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल प्रणाली सुविधा चालु करने के लिए यहां पर नई कैंचियां बनाई गई थी। इसमें कुछ खामियां रहने के कारण ही दुर्घटना हुई है।

एक ट्रैक पर हुआ रेल आवागमन मालगाड़ी के पटरी से नीचे उतरने के कारण पूरा रेल यार्ड ठप हो गया जबकि रेल प्रशासन की ओर से मालगाड़ी के दुर्घटनाग्रस्त 6 डिब्बों को छोड़कर अन्य डिब्बों को रेल इंजन की मदद से हटाया गया। जिसके करीब तीन घंटे बाद प्लेटफार्म नं. 1 को चालू कर दिया गया व तमाम रेलगाड़ियों को इसी लाइन से निकाला गया।

लाखों के नुकसान का अनुमान मालगाड़ी के दुर्घटना ग्रस्त होने के कारण हालांकि किसी भी प्रकार के जानी नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन रेल पथ व रेल गाड़ियों के डिब्बों को पहुंचे नुकसान से अनुमान लगाया जा रहा है कि रेलवे को इस दुर्घटना में लाखों का नुकसान हुआ है। फिलहाल मामले की रेलवे के उच्चाधिकारियों द्वारा जांच शुरू कर दी गई है।

क्या कहते हैं स्टेशन अधीक्षक रेलवे स्टेशन अधीक्षक रतन लाल तंवर ने इस बारे बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है व इसके लिए दिल्ली मंडल रेल अधिकारियों के चिकित्सीय एवं अन्य जांच अधिकारियों द्वारा दौरा कर मामले की जांच की जा रही है





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