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विर्क 24 सितंबर तक रिमांड पर

मोहाली :पूर्व डीजीपी एस.एस. विर्क को मोहाली कोर्ट ने 24 सितंबर तक के लिए जूडीशियल रिमांड पर भेज दिया। इस दौरान विर्क को पीजीआई में मैडिकल ट्रीटमैंट और सुरक्षा मुहैया करवाई जाएगी। कोर्ट ने उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी मोहाली पुलिस से वापस लेकर पटियाला पुलिस को सौंप दी है।

इलाज के दौरान विर्क से उनके नजदीकी रिश्तेदारों और वकीलों के अलावा अन्य किसी को मिलने की इजाजत नहीं होगी। दो दिन का पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद विजिलैंस ब्यूरो ने मंगलवार को दिन के 12:30 बजे विर्क को एसडीजेएम मोहाली ललित सिंगला की कोर्ट पेश किया।

पूछताछ नहीं हो पाईविर्क के अस्वस्थ होने पर रिमांड के दौरान उनसे पूछताछ नहीं हो पाई। ब्यूरो ने कोर्ट से पुलिस रिमांड बढ़ाने की अर्जी नहीं दी। कोर्ट ने विर्क को जूडीशियल रिमांड पर भेजते हुए पटियाला जेल के अधीक्षक को उनकी सुरक्षा का जिम्मा सौंपा है। विजिलैंस के मामलों के आरोपी को पटियाला जेल भेजा जाता है। उनका पीजीआई में इलाज चल रहा है। इसलिए अस्पताल में उनकी सुरक्षा व्यवस्था पटियाला पुलिस करेगी।

विजिलैंस अधिकारियों ने कोर्ट से कहा कि वे विर्क का रिमांड नहीं मांग रहे हैं, लेकिन भविष्य में जांच में उनकी जरूरत पड़ेगी तो वे कोर्ट से पुलिस रिमांड की मांग करेंगे। पूछताछ के लिए विर्क कोर्ट में ही तैयार पेशी के दौरान विर्क ने कहा कि अस्पताल में उन्होंने कई बार विजिलैंस अधिकारियों को पूछताछ करने को कहा, लेकिन उनसे पूछताछ नहीं हुई। उन्होंने कहा कि अगर विजिलैंस अधिकारी पूछताछ करना चाहते हैं तो वे कोर्ट रूम में ही जवाब देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि दरअसल विजिलैंस अधिकारी पुलिस रिमांड के जरिए उनसे पूछताछ नहीं बल्कि उन्हें परेशान करना चाहते हैं।

13 सितंबर के लिए नोटिस कियाकोर्ट में विर्क के वकील चरणजीत सिंह बख्शी ने विर्क की गिरफ्तारी के समय विजिलैंस टीम द्वारा कब्जे में लिए गए ब्रीफकेस की सपुर्दगी की अर्जी दी। इस पर कोर्ट ने आईओ से पूछा की क्या ये ब्रीफकेस केस प्रापर्टी है या जामातलाशी। कोर्ट में उस समय मामले के आईओ सुरिंद्रपाल सिंह मौजूद नहीं थे इसलिए कोर्ट ने 13 सितंबर की तारीख दी।

ब्रीफकेस में 80 हजार रुपए और जरूरी दस्तावेजइस ब्रीफकेस में 80 हजार रुपए, बैंकों की चैकबुक्स और कई जरूरी दस्तावेज हैं। इस पर विर्क ने कोर्ट को कहा कि उन्हें ये ब्रीफकेस दिलाया जाए ताकि वह उस ब्रीफकेस में पड़े कागजों से विजिलैंस के संभावित सवालों का जवाब तैयार कर सकें।

कसौली के रिजोर्ट पर सरकार कब्जा कर ले सुनवाई के दौरान विर्क ने कहा कि विजिलैंस ब्यूरो कसौली में जिस रिजोर्ट की बात करती है यदि वह उनका है तो वे उसे सरकार के हवाले करने को तैयार हैं। इस पर कोर्ट ने कहा कि ये जांच का हिस्सा है और सुनाई के दौरान इस मामले को देखा जाएगा।





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