फरीदाबादराजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश व दिल्ली में डकैती की दर्जनों घटनाओं को अंजाम देने वाले अंतर्राज्यीय डकैत गिरोह के मुखिया सहित 15 सदस्यों को फरीदाबाद पुलिस की सीआईए मुजेसर यूनिट ने गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
पुलिस के अनुसार गत दिनों सेक्टर-24 की एक कंपनी में वहां के मजदूरों को बंधक बनाकर की गई डकैती की वारदात को इन बदमाशों ने अंजाम दिया था। पुलिस ने इनके कब्जे से कई तलवारें व मोबाइल फोन, व लाखों रुपए का निकल बरामद किए हैं। एसएसपी आलोक मित्तल ने बुधवार को अपने कार्यालय में बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलिस ने चंडीगढ़ रोड लुधियाना निवासी 34 रमाकांत उर्फ संजय ठाकुर, गुरमेल नगर लुधियाना निवासी शिव कुमार शुक्ला, देव नगर लुधियाना निवासी राजू, विश्वकर्मा नगर लुधियाना निवासी संजय कुमार, परसरामपुर उत्तर प्रदेश निवासी राजू उर्फ राजेश कुमार, मक्कड़ कालोनी लुधियाना निवासी संतोष कुमार, मंजीत नगर लुधियाना निवासी सुभाष, कीर्ती नगर दिल्ली निवासी राजाराम उर्फ नेता जी, राजीव गांधी कालोनी लुधियाना निवासी टीटू कुमार, रेलवे रोड लुधियाना निवासी बबल सिंह, देवरिया उत्तर प्रदेश निवासी रण्जीत, कन्हैया प्रसाद, अम्बेडकर नगर उत्तर प्रदेश निवासी रामप्रताप उर्फ पहलवान, पटेल नगर दिल्ली निवासी इंदल, देवरिया उत्तर प्रदेश निवासी सुजनाथ उर्फ मोंसू को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह का मुखिया संजय ठाकुर बताया जाता है।
मित्तल ने बताया कि ये सभी बदमाश मूलरूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इस गिरोह के पांच सदस्य जिनमें देवरिया उत्तर प्रदेश निवासी चिरंजी, परबंस, रामाज्ञा, बंसी तथा लुधियाना निवासी सुभाष अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं, जिनकी पुलिस तलाश कर रही है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से 140 किलोग्राम निकल बरामद किया है, जिसकी मार्केट में कीमत 16 लाख रुपए से अधिक है। इसके अलावा इनके कब्जे से कई तलवारें तथा मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं।
मित्तल ने बताया कि मुजेसर क्षेत्र के सेक्टर-24 में इसी गिरोह के सदस्यों ने वीएमएफ व उसकी पड़ोसी कंपनी के कर्मचारियों को हथियारों के बल पर बंधक बनाकर वीएमएफ कंपनी में 26 अगस्त की रात को डकैती डाली थी। मित्तल ने बताया कि गिरोह का मुखिया लुधियाना में अपने साथियों के साथ डकैती की कई घटनाओं को अंजाम दे चुका है। वहां पर वह डकैती के माल को अजरुन देव नगर लुधियाना में रहने वाले सुभाष नामक कबाड़ी को बेचता था। वह लुधियाना में कई बार पकड़ा भी जा चुका है। इसके बाद संजय ठाकुर के साथी इंदल व दिनेश दिल्ली आकर रहने लगे।
यहां पर उनका संपर्क राजाराम उर्फ नेता तथा रामप्रताप उर्फ पहलवान से हो गया। पहलवान व नेता फरीदाबाद व गुड़गांव में जाकर कंपनियों में यह देखते थे कि किस कंपनी में रात के समय कितने मजदूर रहते हैं तथा कंपनी में कितना सामान रहता है।
उसके बाद ये दोनों लुधियाना से संजय ठाकुर को साथियों सहित दिल्ली के कीर्ति नगर में बुलवाते थे। कीर्ति नगर से ही एकत्रित होकर ये लोग डकैती की वारदात को करने के लिए जाते थे। इनमें से गिरफ्तार इंदल ने बताया कि 6-7 साथियों के साथ वह दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में डकैती करता रहा है। जो पहले साथियों के साथ एक बार उत्तर नगर में पकड़ा भी गया। वारदात में लूटा गया सामान व दिल्ली व साहिबाबाद में बेचता था। सामान को बेचने से पहले कुछ दिन ये लोग सामान को कहीं पर छुपा देते थे।
एसएसपी श्री मित्तल ने बताया कि दिल्ली के करीब आधा दर्जन इलाकों, गुड़गांव, फरीदाबाद, राजस्थान के भिवाड़ी, उत्तर प्रदेश के नोएडा, गाजियाबाद तथा खुर्जा व पंजाब के लुधियाना क्षेत्र में इन्होंने डकैती के अलावा चोरी की वारदात की। श्री मित्तल ने बताया कि इन सभी वारदात को अंजाम देने के बाद ये सभी सेक्टर-58 बल्लभगढ़ के प्लेटिंग जोन में स्थित एक कंपनी को अपना निशाना बनाने वाले थे, परंतु मुजेसर सीआईए की टीम ने इस वारदात को अंजाम देने से पहले ही इन बदमाशों को पकड़ लिया। श्री मित्तल ने बताया कि आरोपियों में रामप्रताप उर्फ पहलवान बाटा चौक के पास एक कंपनी में काम करता था।