अजमेर:
दरगाह इलाके से पिछले महीने रहस्मय ढंग से गायब हुईं दो बालिकाओं का अपहरण किया गया था। दो बुर्काधारी महिलाएं उनको किडनैप कर दिल्ली ले गई थीं। यह खुलासा दोनों बच्चियों ने बुधवार को परिवारजनों के सामने किया है। दिल्ली पुलिस ने सामाजिक संस्था के माध्यम से बच्चियों को उनके परिवारजनों के पास पहुंचाया।
अंदरकोट निवासी रहमत खान की बारह वर्षीय पुत्री शकीना और रहीम की छह वर्षीय पुत्री करीना 25 अगस्त को दरगाह इलाके से गायब हो र्गई थीं। संभावित जगहों पर तलाश के बाद दोनों के गायब होने की जानकारी दरगाह थाने को दे दी गई थी। पिछले दिनों दिल्ली की चांद हेल्पलाइन बाल सदन व कला निकेतन संस्था ने दरगाह थाने में बच्चियों के बारे में सूचना दी थी।
संस्था के प्रतिनिधियों ने जानकारी दी कि निजामुद्दीन औलिया की दरगाह में दोनों बच्चियां लावारिस हालत में पुलिस को मिली। दिल्ली पुलिस ने बाद में उन्हें संस्था को सौंप दिया। दरगाह थाना पुलिस की सूचना पर बच्चियों के परिवारजन दिल्ली से दोनों को लेकर आए।
गिरोह सक्रिय
दोनों दिल्ली किन परिस्थितियों में पहुंची? शकीना के बयानों के मुताबिक दरगाह इलाके में बच्चे गायब करने वाले गिरोह सक्रिय हें। शकीना का कहना है कि वह छह साल की भतीजी करीना को लेकर 25 अगस्त को दरगाह गई थी। वहां उन्हें दो बुर्काधारी महिलाएं मिलीं। उन्होंने कहा था कि दिल्ली की निजामुद्दीन औलिया दरगाह में भी मेला लगा हुआ है। इसके बाद बहला-फुसला कर वे उन्हें ट्रेन से दिल्ली ले र्गई और वहां छोड़कर लापता हो र्गई। उन्हें पुलिस ने भटकते हुए देखा और अपने साथ ले गए। उल्लेखनीय है कि दरगाह परिसर से जायरीन के बच्चे गायब होने की तीन घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं।
पुलिस का रवैया टालमटोल
बच्चियों के पिता रहमत और रहीम का कहना है कि लापता होने की रिपोर्ट दर्ज करने में दरगाह थाना पुलिस का रवैया टालमटोल वाला रहा। घटना के दो दिन बाद पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की। बच्चियों के वापस घर लौटने पर उनके परिवार में खुशी है।