नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड(बीसीसीआई) ने आईसीएल से उत्पन्न चुनौती का सामना करने के लिए गुरुवार को अपने बहुप्रतिक्षित ट्वंटी20 लीग की घोषणा कर दी है। उसके इस लीग को सभी प्रमुख टेस्ट खेलने वाले देशों का समर्थन हासिल है।
बोर्ड के उपाध्यक्ष ललित मोदी ने पत्रकारों से खचाखच भरे हाल में इस लीग की घोषणा की। इस अवसर पर सभी टेस्ट प्लेर्इंग नेशन और आईसीसी के प्रतिनिधि उपस्थित थे। बोर्ड ने आज इंडियन प्रिमियर लीग के साथ इंटरनेशनल चैंपियंस ट्वंटी20 लीग की भी घोषणा की। इसमें भारत, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के शीर्ष क्लब शामिल होंगे। मोदी ने बताया कि यह लीग अगले साल अप्रैल में प्रारंभ होकर अक्टूबर तक चलेंगे।
धन की होगी वर्षा: चैंपियंस ट्वंटी20 लीग में रिकार्ड 50 लाख डालर की पुरस्कार राशि होगी। अब तक किसी भी क्रिकेट चैंपियनशिप के लिए यह सर्वाधिक पुरस्कार राशि होगी। आईपीएल में 30 लाख डालर दाव पर होंगे।
एनबीए का फामरूला अपनाया जाएगा: मोदी ने बताया कि इस लीग के लिए बोर्ड प्रमुख फुटबॉल लीग और एनबीए का फार्मेट अपनाया जाएगा। हर टीम का अलग मैदान होगा: इस लीग में शामिल होने वाली सभी आठ टीमों की अलग अलग फ्रेेंचाईसी होगी। इस हर फ्रेेंचाईसी को एक अलग मैदान दिया जाएगा। उसे इस मैदान में अपने लिए एक भवन का निर्माण करना होगा। प्रत्येक टीम में 16 खिलाड़ी होंगे, जिसमें चार खिलाड़ी स्थानीय होंगे।यह होगी लीग की काउंसिल: पूर्व बीसीसीआई प्रमुख आईएस बिंद्रा, पूर्व भारतीय टीम के कप्तान सुनील गावस्कर, रवि शास्त्री, मंसूर अली खान पटौदी,बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला,चिरायू अमीन बोर्ड के लीग की काउंसिल में शामिल होंगे।
मोदी ने बताया कि यह काउंसिल विभिन्न टीमों में खेलने के खिलाड़ियों को हायर करेगी। इसके साथ ही वह मार्केटिंग टीम, मैनेजर और वकीलों की भी टीम का गठन करेगी। इसके पास व्यावसायिक अधिकार प्रदान करने के भी अधिकार होंगे।
रिटायर खिलाड़ियों पर पहली नजर: कुछ समय पहले तक आईसीएल को बूढ़े और थके हुए खिलाड़ियों का जमावड़ा कहने वाले बोर्ड ने खुद संन्यास ले चुके शेन वार्ने को सबसे पहले साइन किया है, जबकि उनके साथी खिलाड़ी ग्लैन मैक्ग्राथ लीग के ब्रांड एंबेसडर होंगे। इस अवसर पर मैक्ग्राथ के साथ न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग भी उपस्थित थे।
ये थे मौजूद: इस अवसर पर दुनियाभर की क्रिकेट संस्थाओं के प्रतिनिधि और खिलाड़ी उपस्थित थे। इनमें बोर्ड प्रमुख शरद पवार, आईसीसी प्रमुख रे माली, आईसीसी सीईओ मैल्कम स्पीड, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के सीईओ जेम्स सदरलैंड, क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका के प्रमुख गेराल्ड मेंजोला, इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड के सीईओ डेविड कोलिनर,पाक क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख नसीम अशरफ और श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के सीईओ दिलीप मेंडिस उपस्थित थे।