हनुमानगढ़:
हनुमानगढ़ के रावतसर में बुधवार को बादल फटने से पूरा कस्बा जलमग्न हो गया। कलेक्टर ने बादल फटने की पुष्टि की। गांव पर पानी कहर बनकर टूटा। न तो पानी के निकास की कोई व्यवस्था है और न लोगों के बचाने की। राज्य सरकार ने गुजरात से मदद मांगी है। देर रात को गुजरात से बड़ी संख्या में नावें और राहत सामग्री रवाना की गई है। बिश्नोई बास में एक बच्ची की मौत हो गई। जीवननगर चक में गड्ढे में डूबने से दो बालकों की मौत हो गई। मंगलवार को ऐसी ही बारिश बीकानेर के एक गांव में भी हुई थी।
बीकानेर से करीब 80 किलोमीटर दूर उदरासर गांव मंगलवार की रात जलमग्न हो गया था। लोग रात को ही ऊंचे स्थानों पर चले गए। गांव के पांच कच्चे मकान ढह गए। 50 मकानों को नुकसान पहुंचा। ग्रामीणों के अनुसार पिछले 45 सालों में उन्होंने ऐसी बारिश नहीं देखी। श्रीगंगानगर जिले में कुछ हिस्सों में बारिश हुई।
बीडीओ ने बुधवार को गांव में पानी की निकासी के लिए श्रीडूंगरगढ़ से पंप मंगाए। इस बीच राज्य सरकार ने गुजरात से भी मदद मांगी। गुजरात सरकार ने नावें रवाना कर दी है। गांव वालों को राहत पहुंचाने का फिलहाल युद्धस्तर पर कोई इंतजाम नहीं हुआ है।
दोपहर तेज हवाओं के साथ शुरू हुई बरसात करीब चार घंटे तक चली और साथ में ओले भी गिरे। फसलों को भी नुकसान की खबर है। क्षेत्र में करीब 170 मिमी. पानी बरसने की सूचना है।
कोटा में लंबे ब्रेक के बाद तेज बारिश हुई। शेष संभाग सूखा रहा। शेखावाटी के झुंझुनूं व चूरू में हुई बरसात से मौसम खुशनुमा हो गया। सीकर में शाम को बादल छाए रहे। मारवाड़ में केवल बरसात हुई। जोधपुर संभाग के सबसे बड़े जवाई बांध में पानी की आवक जारी है। 61.25 फीट भराव क्षमता वाले इस बांध में बुधवार शाम तक 58.70 फीट पानी आ चुका था।