लंदन: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत कल 80 डालर प्रति बैरल को पार करते हुए रिकार्ड ऊंचाई पर पहुंच गई। अमरीका में तेल भंडार में कमी और मेक्सिको की खाड़ी में उठे तूफान से आपूíत में बाधा आने की आशंका को लेकर कच्चे तेल के दाम में उछाल आया। यूएस क्रूड 80.18 डालर प्रति बैरल के रिकार्ड पर पहुंचा और लंदन ब्रेंट का दाम 77.65 डालर प्रति बैरल तक चला गया। हालांकि आज कच्चे तेल के दाम में कुछ कमी आई है लेकिन यह अभी भी रिकार्ड ऊंचाई के निकट बनी हुई है।
इस समय यूएस क्रूड 79.77 डालर प्रति बैरल तथा लंदन ब्रेंट 77.55 डालर प्रति बैरल पर है। कच्चे तेल के दाम में इस साल 30 प्रतिशत से अधिक बढोतरी हो चुकी है और 2002 के बाद इसमें चार गुना बढ़ोतरी हुई है। अमरीका का तेल भंडार पिछले सप्ताह 71 लाख बैरल की कमी के साथ आठ महीने के न्यूनतम स्तर पर आ गया। इसके अलावा मेक्सिको की खाडी में आए तूफान से आपूर्ति में बाधा को लेकर ¨चता व्याप्त है।
वैसे उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि हालांकि अमरीका का टेक्सस लूजियाना सीमा क्षेत्र प्रमुख तेल उत्पादक एवं गैसोलिन शोधक क्षेत्न है लेकिन तूफान से तेल परिचालन पर खास असर पड़ने की आशंका नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि तेल निर्यातक देशों के संगठन ने एक नवम्बर से उत्पादन पांच लाख बैरल बढ़ाने का फैसला किया लेकिन कीमतों में कमी के लिए यह पर्याप्त नहीं है।
¨सगापुर से रायटर की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि तेल की रिकार्ड कीमतों से एशिया में चौथी तिमाही में गैसोलिन की मांग पर असर पड़ने की आशंका है क्योंकि आयात करने वाले देशों पर ईंधन बचाने का दबाव रहेगा अथवा वे मांग बढ़ाने में सहायक रिटेल सब्सिडी वापस ले सकते हैं।