मुंबई:
एशिया के दूसरे बैंकों के मुकाबले भारतीय बैंक बेहतर स्थिति में हैं। भारतीय बैंकिंग जोखिम प्रबंधन के मामले में चीन और थाईलैंड की बराबरी पर है, हालांकि मलेशिया, सिंगापुर और हांगकांग से पीछे है। अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पूअर्स(एसएंडपी) की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय बैंकों को अपनी खामियां दूर करने में समय का पूरा इस्तेमाल करना चाहिए।
एसएंडपी ने बैंकिंग इंडस्ट्री जोखिम प्रबंधन के मानकों पर भारतीय बैंक क्षेत्र को ग्रुप-6 में रखा है। एसएंडपी के एशिया में डाइरेक्टर रितेश माहेश्वरी का कहना है कि भारतीय बैंकों में सुदृढ़ता लाने की जरूरत है। माहेश्वरी कहते हैं कि भारत एक अच्छे दौर से गुजर रहा है, जिसका फायदा उसे उठाना चाहिए। बैंकों के एकीकरण करने के लिए किसी संकट का इंतजार नहीं करना चाहिए।
रपट के अनुसार भारत में कुल 53 घरेलू बैंकों के पास बैंकिंग उद्योग की 93 फीसदी संपत्तियां हैं। एसएंडपी ने कहा है कि भारत का मध्यम वर्ग तेजी से उभर रहा है। भारतीय बैंकिंग प्रणाली स्वस्थ है और इसमें स्थायित्व है।