भोपाल:
राजधानी का जिंसी चौराहा बेतरतीब यातायात और सड़क पर अतिक्रमण के लिए मशहूर है। इस सड़क पर दो प्रमुख चौराहे धर्मकांटा और जिंसी हैं। लेकिन यहां आधी रात तक लगने वाले मजमे को न तो पुलिस रोक पाई है और न ही नगर निगम ने अतिक्रमण हटाने की हिम्मत जुटाई।
जिंसी चौराहे से लेकर धर्मकांटे तिराहे तक चाय-पान की कई दुकानें हैं। यहां फुटपाथ पर दुकानदारों का कब्जा है। इसके बाद नंबर आता है सड़क का। इस सड़क से बड़ी संख्या में भारी वाहन गुजरते हैं। यह सड़क, भेल और नए शहर को पुराने शहर से जोड़ती है।
सड़क पर दुकानदारों ने अतिक्रमण कर रखा है। इसके बाद होटलों पर आने वाले ग्राहकों के वाहन भी बेतरतीब ढंग से बीच सड़क पर खड़े हो जाते हैं। ट्रैफिक और थाना पुलिस इन पर कोई कार्रवाई नहीं कर पाया है।
इतना ही नहीं यहां से निकलने वाले किसी वाहन से यदि यहां सड़क पर खड़े वाहन को ठोकर लग जाए तो बाहरी व्यक्ति के साथ मारपीट यहां आम बात है। आबकारी वेयर हाउस और वन विभाग कार्यालय के सामने की सड़क भारी वाहनों के निकलने के लिए बनाई गई है, लेकिन इस सड़क को पार्किग स्थल बना दिया गया है। शाम और रात के वक्त यह अघोषित पार्किग स्थल आम वाहन चालकों के लिए मुसीबत बन जाता है।
ट्रैफिक पुलिस की क्रेन ने कभी भी यहां का रुख नहीं किया। इतना ही नहीं डीजल टेंपो और मिनी बसें भी इस चौराहे पर बीच सड़क पर खड़ी रहती हैं। लेकिन जिंसी पुलिस चौकी पर बैठे पुलिसकर्मी इन्हें हटाने की कोशिश नहीं करते हैं।